भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह के अचानक लखनऊ पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। हालांकि राधामोहन सिंह ने इन तमाम चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया। सियासी सरगर्मियों के बीच राधामोहन सिंह ने रविवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन और विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित से माल एवेन्यू स्थित उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद राधामोहन सिंह ने कहा कि राज्यपाल पुरानी परिचित हैं और आज तक मिल नहीं पाया था। आज उसी औपचारिकता को लेकर मुलाकात हुई। संगठन और सरकार अच्छी तरह चल रहे हैं। कुछ सीटें खाली हैं तो उचित समय पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे। जबकि विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि शिष्टाचार भेंंट थी?? जब दीक्षित से पूछा गया कि बातचीत किन विषयों पर हुई तो उनका जवाब था कि “राधामोहन जी हमारे पुराने मित्र हैं, उनके मन में आया कि दीक्षित जी से भेंट हो, फोन आया, हम लोग बैठे, साहित्य और प्राचीन इतिहास पर चर्चा हुई।”
योगी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह शनिवार को लखनऊ पहुंचे। देर शाम उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल के साथ बैठक की। इसके बाद वे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से मुलाकात की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद राधा मोहन सिंह ने कहा, 'राज्यपाल पुरानी परिचित हैं और आज तक मिल नहीं पाया था। आज उसी औपचारिकता को लेकर मिलने जा रहा हूं। संगठन और सरकार अच्छी तरह चल रहे हैं। कुछ सीटें खाली हैं तो उचित समय पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे।'
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राधा मोहन जी हमारे बहुत पुराने मित्र हैं तो उनके मन में आया कि मुझसे भेंट करें। हमारे बीच ज़्यादातर बातें साहित्य और प्राचीन इतिहास को लेकर हुई| राधामोहन की राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से हुई मुलाकात यूपी में सत्ताधारी दल में भारी घमासान का संकेत दे रहे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कुर्सी भी खतरे में है।
प्रदेश प्रभारी द्वारा दिल्ली से लिफाफा लाकर राज्यपाल को देने की चर्चा के बीच विधानसभा अध्यक्ष से मिलने के पीछे यूपी भाजपा में किसी बड़े कांड का संकेत कर रही है। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष ने हाल ही में यूपी आकर प्रदेश सरकार के मंत्रियों से वन-टू-वन मुलाकात की थी। इसके बाद से ही सरकार और संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने दोनों उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ अलग-अलग मिले थे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के साथ उन्होंने बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक बात की। इसके बाद डॉक्टर दिनेश शर्मा से मुलाकात हुई और फिर एक-एक करके सीनियर मंत्रियों से मिले। तभी से कयासों का दौर जारी है|