नई दिल्ली: यूपी के नोएडा में FIR दर्ज होने पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा,'चुनाव आयोग को मीडिया और सुरक्षाकर्मियों को साथ लेकर एक DOOR TO DOOR का DEMO देना चाहिए| भूपेश बघेल ने कहा,''मुझ पर कार्रवाई की गई तो बीजेपी के प्रत्याशी के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं हुई। जुलूस निकालने वाले अमरोहा विधायक के खिलाफ कार्यवाई नहीं हुई, न ही कमलेश पाठक मंत्री के खिलाफ कार्रवाई हुई। बघेल ने कहा,'' चुनाव आयोग बताए कि डोर-टू-डोर कैसे होता है...? निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखना चाहिए| अभी शुरुआत में निष्पक्षता नहीं दिखाई दे रही तो आखिरी में हम क्या उम्मीद करेंगे?|
भूपेश बघेल ने कहा,''''मेरे साथ प्रत्याशी, ज़िला कमेटी के अध्यक्ष,15-20 सुरक्षा के कर्मी, यूपी पुलिस और 30-40 संख्या में पत्रकार लोग थे तो फिर मुझ पर ही FIR क्यों? और हम चुनाव प्रचार कैसे करें फिर? निर्वाचन आयोग को फिजिकली बताना चाहिए कि ऐसे चुनाव प्रचार होगा। तो फिर हम वैसे करेंगे| यदि मुझ पर कार्रवाई की गई तो अमरोहा में बीजेपी के प्रत्याशी के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं हुई। निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखना चाहिए, अभी शुरुआत में निष्पक्षता नहीं दिखाई दे रही तो आखिरी में हम क्या उम्मीद करेंगे?|
बता दें कि कल यानी रविवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Bhaghel) और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ आदर्श आचार संहिता और कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन करने के लिए नोएडा पुलिस (Noida Police) ने मुकदमा दर्ज किया है| रविवार को गौतमबुद्धनगर पुलिस ने बताया,''छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य के खिलाफ नोएडा में आगामी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान COVID मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है|
रविवार सुबह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नोएडा में कांग्रेस उम्मीदवार पंखुड़ी पाठक के लिए 'डोर-टू-डोर कैंपेन' किया था| इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के घर-घर जाकर उनसे कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने की अपील की थी| शिकायत भी की गई कि भूपेश बघेल के साथ काफी भीड़भाड़ थी जो कि सरासर धारा 144 और कोविड महामारी एक्ट का उल्लंघन है| जबकि 5 से ज़्यादा लोगों की भीड़ की अनुमति नहीं थी|
बता दें कि चुनाव आयोग ने 22 जनवरी तक मतदान वाले राज्यों में चुनावी रैलियों और रोड शो पर रोक लगा दी है| हालांकि जनसभाओं और रैलियों पर चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों को कुछ राहत दी है| चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता के 50% के साथ इनडोर बैठकें करने की अनुमति दी है।