मुंबई: महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के पुत्र नितेश राणे को आज बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है।बॉम्बे हाई कोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक नितेश राणे को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
हाई कोर्ट ने एक अन्य सह-आरोपी मनीष दलवी की अग्रिम जमानत को अनुमति दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने यह फैसला भाजपा विधायक नितेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनाया है। नितेश राणे पर संतोष परब (44) नामक एक व्यक्ति पर कथित तौर पर जानलेवा हमले का आरोप है।
इससे पहले नितेश राणे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सिंधुदुर्ग ज़िला सत्र न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दाखिल कर दी। लेकिन अदालत ने नितेश राणे की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। इसके बाद अब नितेश राणे पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
दरअसल, यह पूरा मामला शिवसेना के एक कार्यकर्ता संतोष परब पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि संतोष परब पर नितेश राणे ने जानलेवा हमला किया था।
सत्र न्यायालय के सामने सरकारी पक्ष की तरफ से दलील पेश करते हुए वकील प्रदीप घरत ने कहा था कि आरोपी रसूख परिवार से ताल्लुक रखता है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है ऐसे में उससे हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहिए। सरकारी वकील ने नितेश राणे का मोबाइल जब्त करने की भी मांग उठाई।