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26 अगस्त 2026

Joshimath Crisis: जोशीमठ में अब तक 723 घरों में पड़ी दरार, कर्णप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में भी मकानों में पड़ी दरारें; भू-धंसाव से प्रभावितों को मार्केट रेट पर मुआवजा

नई दिल्ली: उत्तराखंड के जोशीमठ के बाद कर्णप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में चंबा सुरंग के पास के कई मकानों में दरारें दिखीं। वही जोशीमठ में अब तक 723 घरों और अन्य इमारतों में दरारें पड़ चुकी हैं। सरकार की ओ…

Joshimath Crisis: जोशीमठ में अब तक 723 घरों में पड़ी दरार, कर्णप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में भी मकानों में पड़ी दरारें; भू-धंसाव से प्रभावितों को मार्केट रेट पर मुआवजा
Joshimath Crisis: जोशीमठ में अब तक 723 घरों में पड़ी दरार, कर्णप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में भी मकानों में पड़ी दरारें; भू-धंसाव से प्रभावितों को मार्केट रेट पर मुआवजा | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: उत्तराखंड के जोशीमठ के बाद कर्णप्रयाग और टिहरी गढ़वाल में चंबा सुरंग के पास के कई मकानों में दरारें दिखीं। वही जोशीमठ में अब तक 723 घरों और अन्य इमारतों में दरारें पड़ चुकी हैं। सरकार की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इसी बीच लोगों ने विरोध करने शुरू कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने जोशीमठ में भूमि धंसने के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरों के लोगों के साथ बैठक की। बता दें,' जोशीमठ में जिन होटलों और मकानों में अधिक दरारें हैं, उन्हें गिराने का काम मंगलवार से शुरू हो गया है। प्रशासन द्वारा असुरक्षित जोन घोषित क्षेत्रों को खाली करा लिया गया है।


जर्जर हो चुके घरों/होटलों को गिराए जाने से पहले मलारी होटल के मालिक व उनके परिजन मुआवजे की मांग को लेकर होटल के बाहर बैठे हैं। होटल के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने बताया, "मैं अपने लिए यहां नहीं बैठा हूं, मेरा बेटा फ्रांस में रहता है...मैं तो वहां चला जाऊं लेकिन मैं यहां के लोगों के लिए बैठा हूं।"


डीएम चमोली हिमांशु खुराना ने कहा,' हमारे सर्वे के बाद 723 संरचना में दरारें परिलक्षित हुई हैं और हम लगातार जनप्रतिनिधियों के टाच में हैं ताकि अगर और कही दरारें हो तो वो हमें बताए। 131 परिवार को हमने रिलीफ सेंटर में शिफ्ट कर दिया है| पिछले कुछ दिनों में कर्णप्रयाग में भी दरारें परिलक्षित हुई हैं तो उस जगह को बचाने के लिए IIT रुड़की इस पर अध्ययन कर रहे हैं। इनके अध्ययन के हिसाब से हम आगे की कार्रवाई करेंगे|


चमोली SDRF कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा,'' यहां (जोशीमठ में) पुलिस, SDRF, NDRF और CBRI की टीम पहुंच चुकी है। होटल के मालिक वार्ता चल रही है। कुछ बिंदुओं पर उनको संदेह था वे करीब-करीब समाप्त हो गया है। उसके बाद भवन गिराने का काम शुरू हो जाएगा|  भवन को गिराने में हैवी मशीनों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसमें ज्यादातर हाथ से चलने वाली मशीनों का ही प्रयोग किया जाएगा|



मणिकांत मिश्रा ने कहा,'होटल मलारी इन' को गिराया जाएगा। इसे चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा। ये होटल टेड़े हो गए हैं। इसे तोड़ना जरूरी है क्योंकि इसके नीचे भी कई घर और होटल हैं और अगर ये ज्यादा धंसेगा तो कभी भी गिर सकता है। CBRI के एक्सपर्ट आ रहे हैं वे अधिक तकनीकी जानकारी देंगे|


प्रभावितों को बाजार दर से मुआवजा दिया जाएगा

उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रभावित परिवारों को तात्कालिक तौर पर ₹1.5 लाख की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है। भू-धंसाव से जो स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं उनको बाजार दर पर मुआवजा दिया जाएगा| धामी ने कहा,"हमारी सरकार स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। भू-धंसाव से जो स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं उनको बाजार दर पर मुआवजा दिया जाएगा। बाजार की दर हितधारकों के सुझाव लेकर और जनहित में ही तय की जाएगी।


तेज गति से हो रहे विकास को थोड़ा कम करेंगे

धामी ने कहा,"प्रभावित परिवारों को राहत देना और उनका पुनर्वास करना हमारी प्राथमिकता है। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि पूरा उत्तराखंड खतरे में है, यह सही नहीं है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था दोनों का संतुलन बना रहे।



हम राज्य के सभी शहरों की धारण क्षमता का पुनर्मूल्यांकन करेंगे। तेज गति से हो रहे विकास को थोड़ा कम करेंगे। यदि किसी स्थान पर आवश्यकता से अधिक निर्माण होगा तो उसको तत्काल रोकेंगे| पीएम मोदी और उनका कार्यालय लगातार जमीन धंसने के मुद्दे पर अपडेट ले रहा है| धामी ने कहा, जोशीमठ के विशेषज्ञों के अनुसार, घरों के नीचे भूमिगत पानी का बहाव आधे से भी कम हो गया है...सरकार जोशीमठ के लोगों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है, उनके साथ खड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष भी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।



राहत, पुनर्वास और मुआवजे के लिए कमेटी बना दी गई

CM धामी ने कहा,ऐसी बात सामने आ रही है कि सभी इमारतों को तोड़ा जा रहा है, ऐसा नहीं है। केवल 2 होटलों की बात सामने आई थी और उस पर भी सभी की सहमति के बाद ही प्रशासन काम करेगा। राहत, पुनर्वास और मुआवजे के लिए कमेटी बना दी गई है| राहत और पुनर्वास ठीक तरह से हो ये हमारी प्राथमिकता है। हम चाहेंगे की सभी तक जल्द से जल्द अंतरिम राहत पहुंच जाए, उसके लिए काम कर रहे हैं|




...हम भी नहीं उठेंगे: मार्केट रेट पर ठाकुर सिंह राणा

मलारी इन के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा,''आज मेरी मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के साथ बैठक हुई। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ के तर्ज़ पर मुआवजा नहीं मिलेगा लेकिन मार्केट रेट पर होगा। हमने बोला कि मार्केट रेट बता दें लेकिन उन्होंने कहा कि नहीं बता सकते तो हमने कहा कि हम भी नहीं उठेंगे|


आर्थिक मूल्यांकन किया जाए...

मलारी इन होटल के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा,''मुझे केंद्र और राज्य सरकार से बहुत तकलीफ है। ये होटल जनहित में तोड़ा जा रहा है कोई बात नहीं मैं प्रशासन के साथ हूं। बस मुझे नोटिस देना चाहिए और मेरा आर्थिक मूल्यांकन कर देना चाहिए, मैं यहां से चला जाऊंगा। मेरा आग्रह है आर्थिक मूल्यांकन किया जाए|



हरिद्वारा के लोगों ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी 

हरिद्वारा के लोगों ने जोशीमठ में भू-धंसाव के चलते प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी। हरिद्वार के नायब तहसीलदार रमेश चंद नौटियाल ने बताया,'' हमने विभिन्न व्यापारी से सामग्री एकत्रित कर 5 ट्रकों में करीब 2350 कंबल, 900 पैकेट राशन जिसमें 5-5 किलो आटा-चावल, 1 लीटर खाद्य तेल और अन्य सामग्री जोशीमठ भेज रहे हैं। मेडिकल सामान के लिए अलग वाहन  तैयार किए जा रहे हैं|



कर्णप्रयाग में कई मकानों में आई दरारें 

कर्णप्रयाग में कई मकानों में दरारें आई हैं|  कर्णप्रयाग में बहुगुणा नगर के कई घरों में दरारें दिखाई दीं। स्थानीय एक व्यक्ति ने बताया, "2 साल पुराना हमारा घर है और एक साल से इसमें दरारें आने शुरू हुई हैं इसके लिए हमने प्रशासन से भी बात की तो उन्होंने इसके लिए सिर्फ 5,200 रुपए दिए हैं।"


 कर्णप्रयाग तहसीलदार सुरेंद्र देव ने बताया,'''मानसून से समय में पूरा क्षेत्र प्रभावित रहा है। बारिश के मौसम में पानी घरों में घुस जाता था और यहां भू-धंसाव की स्थिति बनी हुई थी। हमने अगस्त और सितंबर में संयुक्त निरीक्षण किया था और 27 भवनों की सूची ज़िला कार्यालय को दी थी| भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और प्रमुख उपचार योजना की सिफारिश की थी। आईआईटी रुड़की की टीम ने दो बार यहां सर्वे किया। उसी की रिपोर्ट का इंतजार है। रहने के लिए असुरक्षित भवनों की पहचान की जाएगी और उन्हें खाली कराया जाएगा। आज की निरीक्षण रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी|



जोशीमठ में 7 तारीख के बाद नई कोई दरारें विकसित नहीं हुई

जोशीमठ भूमि धंसाव पर मुख्यमंत्री के सचिव आरएम सुंदरम ने कहा,'हम पानी रिसाव की मात्रा को लगातार माप रहे हैं और ये रोज घट रहा है..रविवार को ये 570 LPM था और कल ये घटकर 250 LPM हो गया। 7 तारीख के बाद नई कोई दरारें विकसित नहीं हुई हैं। ये अच्छी बात है|



चमोली DM हिमांशु खुराना ने कहा, "हमने असुरक्षित जोन घोषित किए हैं। वहां से लोगों को निकालने का सिलसिला जारी है, ज्यादातर लोगों को निकाल लिया गया है। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की की टीम यहां आ रही है। उनके दिशानिर्देश पर असुरक्षित घरों को ध्वस्त किया जाएगा|


घर खाली कर रहे स्थानीय लोग भावुक

जोशीमठ भू-धंसाव के चलते घर खाली कर रहे स्थानीय लोग भावुक हुए। जोशीमठ भू-धंसाव मामले पर पीड़ित महिला बिंदू ने कहा,''हमारा 60 साल का आशियाना एक पल में खत्म हो गया। हमें नहीं पता कि हम कहां जाएंगे। हमें सरकार से कुछ भी मदद नहीं मिली। वह (सरकारी अधिकारी) आए और लाल निशान लगाया और (घर) खाली करने के लिए कह दिया|


शासन-प्रशासन को परवाह नहीं

जोशीमठ भू-धंसाव मामले पर पीड़ित व्यक्ति मनीष ने कहा,''हमारा बचपन यहीं बीता है। हमको अचानक घर खाली करने के लिए बोल रहे हैं। शासन-प्रशासन को परवाह नहीं है, वह(अधिकारी) हमारे पास आए और घर खाली करने के लिए बोले। हमारे परिवार में 7-8 लोग हैं। हमने पहले भी कई बार इसके बारे में सरकार को बताया था|


जान माल की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट मंगलवार को उत्तराखंड के जोशीमठ पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने जोशीमठ में सेना शिविर का निरीक्षण करने के बाद सुनील वार्ड में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। अजय भट्ट ने कहा,''सरकार की जिम्मेदारी हर परिवार को बचाना है। जान माल की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी मिनट मिनट की खबर ले रहे हैं। हमने अधिकारियों को तैनात किया है, आर्मी चौकन्नी है। हमारे पास ITBP के 3 बटालियन हैं। कई एजेंसी सर्वे पर लगी हैं|



केंद्रीय मंत्री भट्ट ने कहा,''कुछ होटल जो एक दम टेंढे हो गए थे उनको हटाना जरूरी है। जिसका भी जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जा रहा। सरकार ने क्षतिपूर्ति करने का मन बनाया है, जगह भी खोज ली गई है। जानवरों के लिए कल से आश्रय गृह बनाने का काम शुरू हो जाएगा|




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 11 जनवरी 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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