कोलकाता: नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए पश्चिम बंगाल सरकार के तत्कालीन मंत्रियों को अदालत ने जमानत दे दी है। सीबीआई ने आज सुबह नारद स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित मामले में पश्चिम बंगाल सरकार के 2 मंत्रियों समेत तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था|
नारद स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित मामले में पश्चिम बंगाल सरकार के तत्कालीन मंत्रियों की गिरफ्तारी को लेकर कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई शुरू हो गई है। टीएमसी नेताओं (तत्कालीन मंत्रियों) को वस्तुतः निज़ाम पैलेस से अदालत के समक्ष पेश किया गया|
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी कैनिबेट के दो मंत्रियों और दो अन्य तृणमूल कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तारी और करीब सात घंटे के नाटकीयता से भरे घटनाक्रम के बाद जमानत मिल गई है| इन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है| शाम को सीबीआई कार्यालय से निकलते हुए सीएम ममता बनर्जी कहती हैं, "अदालत फैसला सुनाएगी।"
सीबीआई द्वारा 4 टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव की स्थिति निर्मित हो गई थी और सीएम ममता बनर्जी कोलकाता स्थित सीबीआई ऑफिस पहुंच गई थीं| शाम को सीबीआई दफ्तर से बाहर निकलीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्यादा कुछ न बोलते हुए इतना की कहा कि मामले में अदालत फैसला सुनाएगी।
बता दें कि 9 मई को राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने टीएमसी के इन चारों नेताओं के खिलाफ सीबीआई केस चलाने की इजाजत दे दी थी| बता दें कि बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए थे| इन स्टिंग्स में टीएमसी के मंत्री, सांसद और विधायक की तरह दिखने वाले व्यक्तियों को कंपनी के प्रतिनिधियों से रुपए लेते दिखाया गया था| स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारदा न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था|