आगरा: किसान भगवन्त सिंह की हत्या में फरार चल रहा इनामी बदमाश को थाना सैंया क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्ता किया गया| थाना सैंया, सर्विलांस, क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग व स्वाट पुलिस टीम के संयुक्त ऑपरेशन द्वारा किसान की हत्या में वांछित चल रहे रू0 15,000/के इनामी शातिर अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान किया गया । उसके पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
बीते साल 20 अगस्त 2021 को सुरेन्द्र सिंह द्वारा थाना सैंया पर सूचना दी गयी कि 19 अगस्त को मैंने अपने ताऊ भगवन्त सिंह की गुमशुदगी दर्ज करायी थी। आज लगभग शाम 04 बजे एक ग्रामवासी द्वारा सचना दी गयी कि तम्हारे ताऊ का शव कटीपल के पास रामेन्द्र शर्मा के ढेंचा के खेत में पड़ा हुआ है व उनके गले में रस्सी बंधी है एवं उनके साथ ले गये 05 भैंसों का भी कोई अता-पता नहीं है। सूचना मिलने पर मैंने वहां जाकर देखा, ऐसा लगता है कि किन्हीं अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर शव खेत में फेंक दिया गया है। इस सम्बन्ध में थाना सैंया पर मु0अ0सं0 140/21 धारा 302/201 भादवि पंजीकृत किया गया।
पुलिस टीम द्वारा की गयी विवेचना के आधार पर 3 लोगों 01-रोहताश, 02-जबर सिंह व 03-रवि का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस टीम द्वारा दिनांक 21 अगस्त को घटना का सफल अनावरण करते हुए 2 अभियुक्तगण रोहताश एवं जबर सिंह को गिरफ्तार किया गया था एवं 03 भैंस व लबारा सहित रू0 42,200/-, रस्सा व मोबाइल बरामद किये थे एवं वांछित अभियुक्त रवि की गिरफ्तारी हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे।
इसी क्रम में 21 मार्च 2022 को को थाना पुलिस टीम द्वारा सैंया चौराहा पुल के नीचे चैकिंग की जा रही थी, इस दौरान सर्विलांस टीम द्वारा सूचना दी गयी कि थाना पर वांछित रू0 15,000/- का इनामी अभियुक्त रवि उर्फ रोहित इस समय लादूखेड़ा क्षेत्र से इस तरफ आने वाला है। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए सैंया लादूखेड़ा रोड हिरौडा गाँव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते के तिराहे पर पहुंचे एवं चैकिंग करने लगे। कुछ समय बाद एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखायी दिया।
पुलिस टीम द्वारा रूकने का इशारा करने पर सकपका गया और मोटरसाइकिल मोड़कर भागने लगा। हड़बड़ाहट में मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गयी और उठकर भागते हुए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर करने लगा, जिससे पुलिस टीम बाल-बाल बच गयी। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अपने आप का बचाव किया गया एवं एक फायर किया गया, जोकि अभियुक्त के पैर में लगा। पुलिस टीम द्वारा चारों ओर से घेरकर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 01 तमन्चा मय 04 जिन्दा कारतूस व 01 खोखा कारतूस 315 बोर, 01 अदद मो0सा0 बजाज सीटी 100 बिना नम्बर बरामद हुए। अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि हम दोनों ने कटी पुल के पास ढेंचा के खेत में एक व्यक्ति के गले में धोखे से पीछे से रस्सी डालकर पीछे से खींचकर गला घोटकर हत्या कर दी थी तथा उसके बाद रस्सी से गाँठ बांध दी थी, भ्रमित हो जाये कि भैस वाले ने खदखशी कर ली है।
हम लाश को देचे के खेत में छपाकर सभी भैस को हांकते हये ले गये थे। उस समय मौके पर पाँच भैंस थी जिनको हांकते हुये हम दोनों कच्चे रास्ते से बम्बा के किनारे वाले रिठौरी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर हांकते हुये आ गये थे। जहाँ पर मैंने अपने जानने वाले की गाडी को बुलवाकर भैसों को गाड़ी में लादा था। उनमें से एक पडिया कूदकर भाग गयी थी। बाकी चारों भैसों को लादकर गाँव लक्ष्मीनगर तैयापुर चले गये थे वही हम लोगों ने बाडे में चारों भैंसो को छुपाकर रखा था। जिसमें से एक भैस गाभिन थी, जो कुछ दिन पहले ही बियाई है।
तीन भैसों को बेचने के लिये मथुरा से अपने गाँव मुरकिया में लेकर गये थे, जिनको हम दोनों ने उस दिन मामा जबर सिंह को रू0 42,000/- रुपये में बेच दिया था, मैंने मामा को बता दिया था कि ये भैसें चोरी की है। हम दोनों ने मिलकर जिस रस्सी से भगवंत का गला घोटा था वह पूर्व में ही बरामद हो गयी थी।