बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर अभिनेता अली फजल ने चिंता व्यक्त की। अभिनेता ने इसे न केवल बच्चों बल्कि बुजुर्गों के लिए भी खतरनाक बताया।
फजल का मानना है कि जब तक सरकार प्रदूषण पर सख्त कानून या नियम नहीं बनाती है ये समस्या खत्म होने वाली नहीं है। अभिनेता का मानना है
कि हवा को शुद्ध किया जा सकता है। अभिनेता सोशल मीडिया पर न केवल अपने काम से जुड़े बल्कि मनोरंजक के साथ ही विचार से भरे पोस्ट भी शेयर करते रहते हैं।
वायु प्रदूषण की समस्या पर अभिनेता ने चिंता जताते हुए इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर अभिनेता-गायक वीर दास के एक पोस्ट को री-पोस्ट किया, जिसमें लिखा था,
“जब तक कुछ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, हमें हर सरकार की विरासत में वह प्रदूषण ही मिलेगा, जिसमें वे हमें रहने देंगे और शायद यही वह समय होगा जब हमें एहसास होगा
कि इसका लंबे समय से प्रभाव नई पीढ़ी के साथ बुजुर्गों पर भी पड़ता है।"
अभिनेता ने बताया कि आज यह प्रदूषण भी भले ही ज्यादा खतरनाक न लग रहा हो मगर आज से दस साल बाद इसका असर और भी खराब पड़ने वाला है।
इसलिए इस पर सरकार को सख्त कानून बनाने की जरूरत है। फजल ने लिखा, “अभी तो ऐसा लग रहा है कि यह एक सामान्य सी समस्या है
लेकिन, दस साल बाद हम देखेंगे कि इसका क्या असर होता है। कुछ कठोर नीतिगत फैसले लेने की जरूरत है। बिना कहे ही यह स्पष्ट है कि ये फैसले भले ही हमें सुविधा नहीं दे पाएंगे और इस सख्ती से हमें दिक्कतें भी होंगी। हम शिकायत करेंगे और रोएंगे।
हम तब भी रोए थे, जब हमें नए हवाई अड्डे और नए पुल मिले थे। लेकिन अंत में हम सबको समझ आएगा कि हमारे लिए ये कितना जरूरी था।
मैं बस इतना कह रहा हूं कि सुबह के 7 बजकर 30 मिनट पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 170 है। इस समय बच्चे स्कूल जा रहे हैं और बुजुर्ग सैर कर रहे हैं। हवा सबके लिए खतरनाक है।”