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25 अगस्त 2026

नगर पालिका 'प्रस्ताव लेकर' आई थी, लोगों को पहले सूचित किया गया था: 17 अप्रैल को अलवर में हुए मंदिर विध्वंस पर ADM

अलवर: 17 अप्रैल को अलवर में मंदिर विध्वंस पर अलवर की ADM सुनीता पंकज ने कहा,'' नगर पालिका ने पिछले साल सितंबर में प्रस्ताव लेकर आई थी, जिसका क्रियान्वयन 17 अप्रैल को किया गया था। लोगों को पहले सूचित…

नगर पालिका 'प्रस्ताव लेकर' आई थी, लोगों को पहले सूचित किया गया था: 17 अप्रैल को अलवर में हुए मंदिर विध्वंस पर ADM
नगर पालिका 'प्रस्ताव लेकर' आई थी, लोगों को पहले सूचित किया गया था: 17 अप्रैल को अलवर में हुए मंदिर विध्वंस पर ADM | फ़ोटो: TVL News

अलवर: 17 अप्रैल को अलवर में मंदिर विध्वंस पर अलवर की ADM सुनीता पंकज ने कहा,'' नगर पालिका ने पिछले साल सितंबर में प्रस्ताव लेकर आई थी, जिसका क्रियान्वयन 17 अप्रैल को किया गया था। लोगों को पहले सूचित किया गया था कि इसे (मंदिर) हटा दिया जाएगा, तब से लेकर अब तक हमें स्थानीय लोगों की तरफ से किसी भी तरह का विरोध करने का आवेदन नहीं मिला है|



ADM सुनीता पंकज ने कहा,''3 मंदिर थे 2 निजी और 1 नाले पर मंदिर बनाया गया था। प्रशासन ने लोगों से सर्वसम्मति से मूर्तियों को हटाया। नगर पालिका द्वारा लोगों की सर्व सहमति से निर्विवाद स्थल पर मंदिर बनेगा| 




मंदिर तोड़ने का विवाद बढ़ने के बाद अलवर कलेक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने एक रिपोर्ट जारी की है।। रिपोर्ट के मुताबिक, नगर पालिका बोर्ड की दूसरी बैठक में मास्टर प्लान और गौरव पथ में परेशानी बताते हुए 8 सितंबर 2021 को अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। 6 अप्रैल को सभी अतिक्रमण को चिह्रित कर नोटिस जारी किए गए थे।



इस रिपोर्ट में बताया गया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ( ईओ) ने 12 अप्रैल 2022 को अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस अमला भी मांगा था। अतिक्रमण हटाने से दो दिन पहले सभी को सूचना दे दी गई थी। जिस मंदिर को लेकर विवाद हो रहा है, उसको लेकर भी रिपोर्ट में दावा किया गया कि हाल ही में उसका निर्माण हुआ था और यह नाले पर बनाया गया था। अतिक्रमण हटाने से पहले ही मूर्तियों को हटा दिया गया था। हटाई गई मूर्तियों की स्थापना अन्य जगह विधि-विधान से राजगढ़ नगर पालिका की ओर से की जा रही है।



 अलवर कलेक्टर शिवप्रसाद एम नकाते द्वारा जारी रिपोर्ट

17 अप्रैल को नगर पालिका क्षेत्र राजगढ में हटाये गये अवैद्य अतिक्रमण का घटनावार व तथ्यात्मक रिपोर्ट निम्न प्रकार है-

1. नवनिर्वाचित नगर पालिका बोर्ड की द्वितीय बैठक एजेन्डे के प्रथम बिन्दु में नगर पालिका क्षेत्र राजगढ के मेला का चौराहा से गोल चक्कर तक के मुख्य रास्ते से मास्टर प्लान में बाधा व गारैव पथ में अवैद्य अतिक्रमण हटवाये जाने सबंधित प्रस्ताव नगरपालिका की साधारण सभा में चेयरमैन श्री सतीश दुहारिया एवं अन्य द्वारा सर्वसम्मति से पारित करवाया गया था। 



02. नगर पालिका क्षेत्र राजगढ के मेला का चौराहा से गोल चक्कर तक के मुख्य रास्ते से मास्टर प्लान के अनुसार बाधाओं को हटवाये जाने हेतु नगर पालिका बोर्ड मिटिंग दिनांक 08.09.2021 को सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। 

03. नगर पालिका राजगढ द्वारा उक्त मार्ग में आने वाला बाधा चिन्हित कर दिनांक 06.04.2022 को समस्त अतिक्रमियों को नोटिस व्यक्तिशः दिये गये। 

04. अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका राजगढ ने अपने पत्रांक 250 दिनांक 12.04.2022 द्वारा अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस बल की मांग की गई। 



05. नगर पालिका राजगढ द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था की दृष्टि से प्रशासनिक सहयोग चाहे जाने पर उपखण्ड अधिकारी राजगढ़ द्वारा कार्यालय हाजा के पत्रांक न्याय/2022/587 दिनांक 13.04.2022 से श्रीमान जिला पुलिस अधीक्षक महोदय अलवर की सेवामे पुलिस बल उपलब्ध करवाये जाने हेतु निवेदन करते हुये समसंख्यक पत्रांक 588 दिनांक 13.04.2022 द्वारा श्रीमान की सेवा में सूचना प्रेषित
की गई।



 06. अतिक्रमियों के प्रतिनिधिमण्डल से बराबर सम्पर्क स्थापित रखा गया। उनकी सभी मांगो का यथासंभव विधिक समाधान भी नगर पालिका राजगढ से करवाया गया। 

07.सभी अतिक्रमियों को अपने अवैद्य अतिक्रमण को खाली करने बाबत समझाईश भी की गई। साथ ही
अतिक्रमण हटवाये जाने से दो दिन पूर्व ही मुनादी करवाई गई एवं स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी अवैद्य अतिक्रमण हटाये जाने बाबत सूचित किया गया। इस प्रकार अवैद्य अतिक्रमण को हटाये जाने हेतु अतिक्रमियों को पर्याप्त समय दिया गया।


 08. दिनांक 17.04.2022 व 18.04.2022 को अतिक्रमण हटाय जाने के दौरान किसी भी व्यक्ति का वैद्य निर्माण ध्वस्त नहीं किया गया। अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध प्रकट नहीं किया गया एवं ना ही कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई। 

09. उपखण्ड अधिकारी राजगढ़ द्वारा अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान आवश्कता अनुसार चिकित्सा सहायता दल मय ऐम्बुलेन्स, पेयजल सुविधा, फायर ब्रिगेड इत्यादि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। 



10. अतिक्रमण हटवाये जाने के दौरान दो पूर्व निर्मित मंदिरों पर कार्यवाही की गई। जिनमें से एक मंदिर, जो कि हाल ही में बनाया गया था, पूर्ण तया वर्तमान नाले के उपर निर्मित था। नाले पर निर्मित निजी मंदिर में स्थापित मुर्तियों को स्वयं निर्माणकर्ताओं द्वारा ही अतिक्रमण हटाये जाने से पूर्व ही हटा लिया गया था। यह अवगत करवाया गया था कि हटाई गई मुर्तियों को उनके द्वारा पुर्नस्थापित करवा लिया जावेगा। दूसरा मंदिर रास्ते में अवरोधक होने के कारण मंदिर का नगण्य एवं आंशिक हिस्सा ही हटाया गया। गर्भग्रह पूर्णतया सुरक्षित है। हटाये गये आंशिक हिस्से में शिव पंचायत के सदस्यों की मुर्तियों को विधिपूर्वक ससम्मान हटवाया गया है। हटाई गई मुर्तियों के स्थान पर नवीन मुर्तियों की स्थापना विधि-विधान पूर्वक करवाये जाने की कार्यवाही नगर पालिका राजगढ द्वारा की जा रही है।



tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 23 अप्रैल 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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