अम्बाला: पुलिस अधीक्षक अम्बाला जशनदीप सिह रंधावा ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि शातिर साईबर अपराधियों से सावधान रहें। साईबर अपराधियों ने ठगी करने का एक और नया तरीका अपना लिया है जो देश से बाहर नौकरी करने वालों व पढ़ने वालों की जनसंख्या दिन-प्रति-दिन बढ़ती जा रही है। अधिकतर परिवार के बच्चे बाहर जाकर पढ़ाई कर रहे हैं और कई वहीं के स्थायी निवासी हो गए हैं। आजकल इसी जानकारी के आधार पर विदेशी रिश्तेदार बनकर साईबर अपराधी लोगों को खूब ठगी का शिकार बना रहे हैं। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार या दोस्त दूर होने के कारण चिन्ता अधिक होती है, जिसका फायदा साईबर ठग उठाते हैं और अक्सर पीड़ित के पास अर्न्तराष्ट्रीय कॉल की सुविधा नहीं होती है और वह हड़बड़ाहट में साईबर अपराध में फँस जाता है।
पुलिस अधीक्षक अम्बाला ने आगे जानकारी देते हुए बतलाया कि अधिकतर लोगों के रिश्तेदार व बच्चे विदेशों में रहे हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। साईबर ठग अक्सर फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया से जुड़कर अपने शिकार को इंढते है, वहीं से इन्हें जानकारी प्राप्त होती है और उसी आधार पर अपराध को अंजाम दिया जाता है। साईबर अपराधी खुद को उसका भाई-भतीजा-बेटा बनकर मदद के लिए रूपये की मांग करते हैं और डिपोर्ट करने का डर दिखाते हैं।
पुलिस अधीक्षक अम्बाला ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि साईबर ठग कॉल करते हैं कि वह उसका भतीजा बोल रहा है और पार्टी के दौरान उसका किसी के साथ झगड़ा हो गया और झगड़े में दूसरे को चोट लग गई है और अगर उसका ईलाज नहीं करवाया तो पुलिस कार्यवाही की जाएगी मुझे पुलिस कार्यवाही से बचने के लिए रूपयों की जरूरत है।
पुलिस अधीक्षक अम्बाला ने आम नागरिकों से अपील करते हुए यह भी कहा कि साईबर ठगों के निशाने पर हर वो व्यक्ति है जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है, चाहे वो सोशल मीडिया हो या इन्टरनेट बैंकिंग। खासतौर से आज के दौर में जब हमारी जिन्दगी सोशल मीडिया पर एक खुली किताब के समान हो गई है। बदलते वक्त के साथ साईबर ठगों के अपने पैंतरे भी बदले हैं। आज फेसबुक से लेकर इन्सटाग्राम, टविटर और व्हटसएप तक आपका एकांउट होगा।
साईबर ठग सोशल मीडिया के जरिए आपसे दोस्ती करते हैं और धीरे-धीरे आपकी ना सिर्फ बैंक से सम्बन्धित जानकारी बल्कि आपके परिवार की जानकारी भी हासिल कर लेते हैं। विदेशों में बच्चों व रिश्तेदारों का होना आजकल एक सामान्य बात हो गई है और इसी का डर दिखाकर साईबर अपराधी अपने मनसूबों में कामयाब हो रहे हैं। ऐसे में जनता को इस बात का ख्याल रखना है कि सोशल मीडिया एंकाउट लॉक रखें जाएँ. अपनी व अपने परिवार की जानकारी सार्वजनिक ना करें। विदेशी रिश्तेदारों के नाम से आने वाली कॉल पर जल्दबाजी ना दिखाएँ। पहले पूरी तरह से सही जानकारी हासिल करें उसके बाद ही कोई कदम उठाए। साईबर अपराध होने पर तुरन्त साईबर हैल्प लाईन नं0 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएँ।