अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में किशोरी के साथ हुए गैंगरेप मामले में फरार पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है| दरअसल,गैंगरेप के आरोपियों के घर पुलिस बुलडोजर लेकर पहुंची तो पांचों आरोपी समर्पण करने जैतपुर थाने पहुंच गये। गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार करने गई पुलिस बुलडोजर भी ले गई थी| गांव में पुलिस ने अनांउसमेंट कर चेतावनी दी थी| कुछ ही देर सभी पांचों आरोपी थाने में हाजिर हो गये। एक आरोपी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियादर्शी ने कहा कि,''29 तारिख को एक गांव में गैंगरेप की घटना हुई थी। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज़ कर गिरफ़्तारी की। जो 5 अभियुक्त बचे थे उनकी गिरफ़्तारी भी कर ली गई है|
अंबेडकरनगर जिले के थाना क्षेत्र जैतपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ 6 युवकों ने 29 मार्च को गैंगरेप कर दिया था| आरोपियों ने वीडियो भी बनाया था| पीड़िता को जान से मारने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी| पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने पिता को दी| इसके बाद पीड़िता के पिता ने 6 नामजद आरोपियों के विरुद्ध पुलिस से शिकायत की|
पुलिस ने रामगढ़ जिउली निवासी छह आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करते हुए तलाश शुरू की थी। पुलिस टीम ने एक आरोपी को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। बाकी 5 आरोपी फरार थे| गैंगरेप के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी| इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि सभी आरोपी अपने घर पर हैं| उन्होंने घर के आगे बैरीकेडिंग कर रखी है| इस पर पुलिस बुलडोजर लेकर गांव पहुंची और एनाउंसमेंट कर चेतावनी दी|
पुलिस ने स्थानीय लोगों को भी चेतावनी दी कि जो भी आरोपियों की मदद करेगा, वो भी दोषी माना जाएगा| कुछ घंटों बाद पांचों आरोपी थाने पहुंच गए और आत्मसमर्पण कर दिया|
पुलिस टीम ने लाउडस्पीकर के माध्यम से गांव में ऐलान कराया कि गैंगरेप के फरार चल रहे पांचों आरोपियों ने यदि जल्द आत्म समर्पण नहीं किया तो उनका घर ढहाए जाने की सख्त कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं यदि किसी ने उन्हें छिपाने में मदद की तो उसके खिलाफ भी पुलिस बुलडोजर चलाकर कड़ी कार्रवाई करेगी। जेसीबी मशीन देखकर गांव वालों के साथ ही आरोपियों के परिजनों में भी हड़कंप मच गया।
घरों पर बुलडोजर चलवाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही रामगढ़ जिउली निवासी पांचों आरोपियों ने जैतपुर थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें कमलेश, शुभम, रमेश, विजय कुमार विश्वकर्मा व जय हिंद शामिल रहे। सभी आरोपी थाने के गेट से ही हाथ जोड़ते हुए अंदर दाखिल हुए कार्रवाई न करने की दुहाई लगाते हुए आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस की सख्ती के चलते ही आरोपियों ने 12 घंटे के अंदर ही खुद आत्मसमर्पण किया है। अपराधी कोई भी उसके खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।