अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) जिले में 54 वर्षीय केमिस्ट उमेश कोल्हे हत्याकांड (Chemist Umesh Kolhe murder case) में अब तक 6 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है| दुकानदार उमेश कोल्हे हत्याकांड की जांच अब आतंकवाद-रोधी एजेंसी (NIA) करेगी| गृह मंत्रालय ने 21 जून को अमरावती महाराष्ट्र में उमेश कोल्हे की बर्बर हत्या से संबंधित मामले की जांच NIA को सौंप दी है। हत्या के पीछे की साजिश, संगठनों की संलिप्तता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहन जांच की जाएगी।
अमरावती जिले में 21 जून को एक 54 वर्षीय केमिस्ट की हत्या हुई थी| बताया जाता है कि उमेश की हत्या नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के विरोध में की गई है। मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों पर IPC की धारा 302 (हत्या), 120B (आपराधिक साजिश), और धारा 34 लगाई गई है
अमरावती के एक दुकान के मालिक उमेश कोल्हे की हत्या के सिलसिले में 6 लोगों को गिरफ़्तार किया। स्थानीय अदालत ने उनको 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पहले छह आरोपियों की पहचान 22 साल के मुदस्सिर अहमद, 25 साल के शाहरुख पठान, 24 साल के अब्दुल तौफिक, 22 साल के शोएब खान, 22 साल के अतिब रशीद और 44 साल के युसूफकान बहादुर खान के रूप में हुई है।
आज यानी शनिवार-02 जुलाई, 2022 को अमरावती DCP विक्रम ने कहा,''अब तक 6 लोगों को गिरफ़्तार कर पुलिस हिरासत में भेजा है। उन पर IPC की धारा 302 (हत्या), 120B (आपराधिक साजिश), और धारा 34 लगाई गई है|
'क्या हत्या का कारण नूपुर शर्मा से संबंधित उनकी सोशल मीडिया पोस्ट थी' के जवाब में DCP विक्रम ने कहा,' प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है|
शनिवार को 02 जुलाई, 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 21 जून को महाराष्ट्र में अमरावती के एक दुकान मालिक उमेश कोल्हे की हत्या की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने(उमेश कोल्हे) फेसबुक पर निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट किया था|
21 जून को हुई थी हत्या
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 54 साल के उमेश प्रहलादराव कोल्हे केमिस्ट की दुकान चलाते थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में कुछ पोस्ट किया था। दावा है कि इसको लेकर ही 21 जून को उनकी हत्या कर दी गई। उदयपुर हत्याकांड के एक हफ्ते पहले 21 जून को एक हुई थी| जानकारी के मुताबिक, यह घटना 21 जून की रात करीब 10 बजे की है|
जिसके बाद कोल्हे के बेटे संकेत कोल्हे अमरावती सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी| शुरुआती जांच के बाद पुलिसकर्मियों ने दो संदिग्धों की पहचान की| 23 जून को जांचकर्ताओं ने मुद्दसीर अहमद और शाहरुख पठान नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था| उनसे पूछताछ के बाद चार और लोगों के शामिल होने का खुलासा हुआ| इनमें से तीन (अब्दुल तौफीक, शोएब खान और आतिब राशिद) को 25 जून को गिरफ्तार किया था| इसके बाद एक और आरोपी युसूफकान बहादुर खान को भी गिरफ्तार किया गया|
महाराष्ट्र पुलिस की टीम सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। महाराष्ट्र एटीएस की टीम घटना के आतंकी पहलू को लेकर भी जांच में जुटी है। एटीएस अमरावती की घटना के उदयपुर कनेक्शन के तार तलाश रही है।
प्रथम दृष्टया- नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया था उस कारण यह घटना हुई: DCP
अमरावती DCP ने कहा,"उमेश कोल्हे हत्याकांड में हमने अभी तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन पर IPC की धारा 302, 120B, और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया लग रहा है कि उन्होंने(उमेश कोल्हे) नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया था उस कारण यह घटना हुई|
21 जून की रात को को किसी ने चाकू मार दिया: उमेश कोल्हे के भाई ने कहा
उमेश कोल्हे (जिनकी अमरावती में हत्या कर दी गई) के भाई महेश कोल्हे ने कहा,"21 जून की रात को भाई हमेशा की तरह अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे और उसी रात को किसी ने उनको चाकू मार दिया। मुझे फोन आया कि उन्हें किसी ने चाकू मार दिया है लेकिन जब मैं वहां पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी|
हमें समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे क्या वजह..
महेश कोल्हे ने कहा,''उनकी कभी किसी से दु्श्मनी नहीं थी। हमें समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है। 12 दिन हो गए लेकिन पुलिस ने हमें कोई कारण नहीं बताया है। हमने पुलिस से पूछा कि क्या यह लूटपाट का मामला है तो पुलिस ने कहा कि लूटपाट में शरीर पर घाव किए जाते हैं, गले पर नहीं|
...इतने छोटे से फॉरवर्ड से जानलेवा हमला होना, हम नहीं समझ पा रहे हैं:
महेश कोल्हे ने कहा,"भइया ने कुछ मैसेज नूपुर शर्मा के बारे में कुछ ग्रुप में फॉरवर्ड किए थे। लेकिन इतने छोटे से फॉरवर्ड से जानलेवा हमला होना, हम नहीं समझ पा रहे हैं। अभी तक हमें कोई दूसरा कारण नजर नहीं आ रहा है|
गौरतलब है कि 28 जून, 2022 को, उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की दिनदहाड़े गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्यारे कन्हैयालाल द्वारा नूपुर शर्मा का समर्थन किए जाने से नाराज थे। वह कपड़े की नाप देने के बहाने टेलर कन्हैयालाल की दुकान पर गए थे और धोखे से उसका गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने न सिर्फ घटना का वीडियो बनाया, बल्कि अपने कुबूलनामे का भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस मामले में भी एनआईए जांच कर रही है।