बीकापुर कोतवाली के असकरनपुर पूरे भौनी की रहने वाली रानी यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पति राम निहोर शौचालय की नीव खोद रहे थे।
विपक्षी पवन कुमार ने इसका विरोध किया। जिस पर वादिनी ने पुलिस बुलाया और पुलिस ने सुलह समझौता करवा कर एक सप्ताह में जमीन की पैमाइश करवाने को कहा। कुछ देर बाद पवन कुमार ने अपने नल के पानी की नाली नीव में खोल दिया।
इस पर फिर से पुलिस बुलाई गई। शाम 6 बजे राम निहोर यादव चारा लेकर अपने घर जा रहे थे। तभी पवन कुमार, विशाल उर्फ वीरू, आलोक कुमार, अनीता तथा कमलेश ने उन्हें घेर कर लाठी डंडा तथा कुदाल से हमला बोल दिया।
इन्हीं चोटों के कारण राम निहोर यादव की मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट सभी के खिलाफ मृतक की पत्नी ने गैर इरादतन हत्या तथा आपराधिक मानव वध के प्रयास की धारा में दर्ज कराई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र पवन कुमार, विशाल तथा आलोक के खिलाफ अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए पवन कुमार को सजा सुनाई। अन्य दोनों आरोपी बाल अपचारी घोषित कर दिए गए