अयोध्या: 30 अगस्त 2023 को सरयू एक्सप्रेस में महिला हेड कांस्टेबल पर हुए ''प्राणघातक'' हमले के मामले में एसटीएफ और अयोध्या पुलिस ने थाना पूराकलंदर क्षेत्र के छतरिवा पारा कैल मार्ग पर एक आरोपी अनीस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। जबकि थाना इनायत नगर से दो अन्य आरोपियों- आजाद और विशंभर दयाल उर्फ लल्लू को पुलिस मुठभेड़ मे घायल अवस्था मे गिरफ्तार किया गया|
सरयू एक्सप्रेस में महिला कांस्टेबल पर हमले में आरोपी की पुलिस और STF के साथ मुठभेड़ में हुई मृत्यु को लेकर SSP राजकरन नैय्यर ने कहा, "एक महिला कास्टेबल को घायल करने की वारदात हुई थी। इनपुट के आधार पर पीड़िता को एक फोटो दिखाकर पहचान करवाई गई थी इसके आधार पर आज इनायत नगर थाना इलाके में छापेमारी कर गिरफ़्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में अभियुक्तों और पुलिस के बीच में मुठभेड़ हुई।
दो अभियुक्त घायल हुए थे उन्हें गिरफ़्तार किया गया, तीसरा अभियुक्त फरार हो गया था उसे फिर से पकड़ने की कोशिश की गई जिसमें वह पुलिस पर फायरिंग कर रहा था तभी जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी। उसे अस्पताल लाया गया, इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक अभियुक्त का नाम अनीश खान है, बाकी के दो अभियुक्त विशंभर दयाल और आज़ाद है जोकि इलाजरत हैं। पूरे ऑपरेशन में हमारा एक कांस्टेबल भी घायल हुआ है।"
उत्तर प्रदेश के स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि "सभी मानवीय और तकनीकी जानकारी का अध्ययन करने के बाद हमें कुछ उपयोगी जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, हमने पाया कुछ संदिग्ध लोगों की तस्वीरें, जिन्हें पीड़िता ने पहचाना...एसटीएफ, एसओ इनायत नगर और एसओजी अयोध्या ने इनायत नगर इलाके में छापेमारी की, जहां दो लोग घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए...| सुबह 5 बजे अयोध्या के पूरा कलंदर इलाके में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक घायल हो गया और बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस पूरे पुलिस ऑपरेशन में हमें तीन लोग मिले। दो को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया और एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। ..."
आरोपी अनीश खान की मौत, दो आरोपी आजाद और विशंभर दयाल घायल
SSP राजकरन नैय्यर ने कहा,"सरयू एक्सप्रेस में महिला हेड कांस्टेबल को घायल करने की घटना हुई थी, जिसमें जीआरपी अयोध्या कैंट में मामला दर्ज किया गया था...पीड़िता ने इसकी जानकारी अयोध्या पुलिस से साझा की थी। उसी के आधार पर आज अयोध्या पुलिस और एसटीएफ की टीम ने इनायत नगर में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की. इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी..| पुलिस टीम दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही लेकिन उनमें से एक फायरिंग करते हुए फरार हो गया | उसके लिए तलाशी अभियान चलाया गया...उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया जिसमें उसने गोलीबारी शुरू कर दी और पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें उसे गोली लग गई. उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लाया गया लेकिन इलाज के दौरान आरोपी अनीश खान की मौत हो गई. दो आरोपी आजाद और विशंभर दयाल घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है...''|
बता दें कि,'' 30 अगस्त को महिला सिपाही अयोध्या के पास सरयू एक्सप्रेस में खून से लथपथ मिली थी| महिला सिपाही के चेहरे और सिर पर चोट के निशान भी थे| फिलहाल, उसका इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा है।
प्रयागराज से अयोध्या जाने वाली सरयू एक्सप्रेस में महिला सिपाही को अपराधियों ने निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक,''अनीश, आजाद और विशंबर पेशे से चोर हैं। ट्रेनों में चोरी करते हैं। 30 अगस्त की रात सरयू एक्सप्रेस में ये तीनों चोरी करने के इरादे से चढ़े थे। अयोध्या स्टेशन आने वाली थी। बोगी खाली हो चुकी थी। बोगी में महिला कान्स्टेबल बैठी हुई थीं। महिला कान्स्टेबल जैसे ही दूसरी सीट पर पहुंची। पीछे से तीनों भी आ गए थे। अयोध्या स्टेशन पर बचे पैसेंजर भी उतर गए थे। बोगी में तीनों के अलावा केवल महिला सिपाही थीं। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, तीनों ने महिला सिपाही से जबर्दस्ती करना शुरू कर दिया।
महिला सिपाही ने भी तीनों पर वार करना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक बदमाश ने उनके चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। असंतुलित महिला सिपाही के सिर को खिड़की से टकरा दिया। महिला कान्स्टेबल के सिर से खून निकल रहा था। चेहरा कट चुका था। इसके बाद तीनों ने उसे पीटना शुरू दिया। सिपाही बेसुध हो गई। ट्रेन के फर्श पर गिर पड़ी। तीनों बदमाशों ने उसके कपड़े उतार दिए।
बेहोश महिला कान्स्टेबल को सीट के नीचे धकेला। मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। वहां से भाग निकले। मनकापुर स्टेशन पर रात करीब एक बजे ट्रेन पहुंची थी। महिला सिपाही बेहोश होने के कारण सीट के नीचे पड़ी रही। रात करीब 3 बजे ट्रेन मनकापुर से प्रयागराज के लिए खुली। उस समय तक महिला सिपाही को होश नहीं आया था। अहले सुबह 3:40 बजे तक ट्रेन अयोध्या स्टेशन पहुंची तो पूरा मामला खुला। आनन-फानन में महिला सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद जांच शुरू हुई।
महिला सिपाही के साथ बर्बरता मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने रविवार 3 सितंबर की रात को अपने आवास पर विशेष अदालत बिठाई। सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में महिला सिपाही के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पहले हाई कोर्ट के वकील वकील रामकुमार कौशिक की ओर से पीआईएल दर्ज कराया गया। इसके बाद देर रात तक सुनवाई हुई।
चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव के डिवीजन की विशेष बेंच ने मामले पर सुनवाई के दौरान नाराजगी जताई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के आवास पर बैठी स्पेशल बेंच ने सुनवाई के बाद रेलवे और यूपी सरकार से जवाब मांगा था।