आजमगढ़ जिले की फूलमति देवी (57) को पुलिस ने 49 साल बाद उनके परिवार से मिलवाया। मुरादाबाद के एक मेले में 1975 में अपनी मां के साथ गई आठ वर्षीय फूलमति अचानक लापता हो गई थी। इस पुनर्मिलन की कहानी जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' की बदौलत संभव हो पाई।
19 दिसंबर को प्राथमिक विद्यालय पजावा की प्रिंसिपल डॉक्टर पूजा रानी के द्वारा आजमगढ़ जिले के अपर पुलिस अधीक्षक नगर शैलेंद्र लाल को सूचना दी गई की एक महिला फूला देवी है जो करीब 57 वर्ष की है. वह प्राथमिक विद्यालय पजावा बिलासपुर जिले रामपुर पर रसोईया का काम करती है. वह 1975 में मुरादाबाद जिले आई थीं और वहां से एक व्यक्ति द्वारा उसे अगवा कर लिया गया. सूचना मिलते ही आजमगढ़ पुलिस ने एक टीम का गठन किया और जिले के अलग-अलग सभी थानों को इसकी सूचना दी गई.
फूलमति को मेले में एक वृद्ध व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। कुछ दिनों तक उसे अपने पास रखने के बाद उस व्यक्ति ने फूलमति को रामपुर के भोंट थाना क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी लालता प्रसाद गंगवार को बेच दिया। लालता प्रसाद ने बाद में फूलमति से शादी कर ली, जिससे उनका एक बेटा सोमपाल (34) है।
19 दिसंबर को रामपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय पजावा बिलासपुर की शिक्षिका डॉ. पूजा रानी ने पुलिस को सूचना दी थी कि फूलमति अपना परिवार तलाश रही हैं और बार-बार आजमगढ़ का नाम ले रही हैं। सूचना के आधार पर एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसने फूलमति को रामपुर से आजमगढ़ लाया।
फूलमति ने पुलिस को बताया कि उनके मामा का नाम रामचंदर है और वे चूंटीदार नाम के गांव में रहते थे, जहां घर के आंगन में एक कुआं था। पुलिस ने चूंटीदार और इससे मिलते-जुलते गांवों की खोजबीन शुरू की। जांच में पता चला कि चूंटीदार गांव मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में है।
पुलिस टीम ने फूलमति के मामा रामचंदर को ढूंढ निकाला और उन्हें इस घटना की जानकारी दी। 49 साल बाद फूलमति अपने परिवार से मिलकर भावुक हो गईं। परिवार के सदस्यों ने पुलिस के इस सराहनीय प्रयास की सराहना की।