बाराबंकी: मुख्तार अंसारी एम्बुलेंस मामले में डॉ अलका राय और उनके उनके भाई शेषनाथ राय को गैंगस्टर एक्ट के तहत बाराबंकी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय 8 ने तीस दिनों के रिमांड पर जेल भेज दिया है| अलका और शेषनाथ पर मुख्तार को एंबुलेंस से सहायता मुहैया कराया जाने का आरोप है| इसी मामले में दोनों ही करीब 8 महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए थे| होने के बाद पंजाब की जेल में निरुद्ध रहने के दौरान न्यायालय जाने के लिए मुख्तार अंसारी द्वारा उपयोग की जाने वाली एंबुलेंस के फर्जी पंजीकरण के प्रकरण में आरोपी मऊ निवासी अस्पताल संचालक डॉ. अलका राय और उनके भाई डॉ. शेषनाथ राय को मंगलवार तड़के चार बजे बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
मुख्तार अंसारी, डा.अलका राय समेत 13 लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है जिसके बाद डा.अलका राय और शेषनाथ को दोबारा जेल भेजा गया है|
मंगलवार को मुख्तार अंसारी से जुड़े एंबुलेंस मामले में गैंगस्टर के आरोपी डॉ. अल्का राय और शेषनाथ राय को बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के साथ गैंगस्टर कोर्ट में जज के समाने पेश किया। जहां कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
बाराबंकी के CO सिटी आतिश कुमार 13 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज़ किया गया था, जिसके तहत आज 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिसमें डॉ. अल्का राय और शेषनाथ राय शामिल हैं। कोर्ट ने दोनों को 30 दिन की रिमांड पर जेल भेजा है|
पूर्वांचल के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी द्वारा फर्जी पते और दस्तावेजों पर तैयार कर एंबुलेंस इस्तेमाल किए जाने के मामले में बाराबंकी पुलिस ने कार्यवाही तेज कर मंगलवार को मऊ जिले में गैंगस्टर के आरोपी हॉस्पिटल संचालिका डॉ अल्का राय और इनके भाई शेषनाथ राय को कड़ी सुरक्षा के बीच गिरफ्तार किया। देवां पुलिस ने कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को गिफ्तार के बाराबंकी गैंगस्टर कोर्ट नंबर-8 में न्यायाधीश राजीव महेश्वरम के सामने पेश किया। जहां जज ने दोनों आरोपियों को 27 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
क्या है मामला
31 मार्च 2021 को बाराबंकी की एंबुलेंस उस वक्त चर्चा में आई, जब पंजाब के रोपण जेल से मोहाली कोर्ट जाने में मुख्तार अंसारी ने एंबुलेंस का प्रयोग किया। जिसका पंजीकरण बाराबंकी परिवहन विभाग होना पाया गया। जांच के दौरान पता चला कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्ष 2013 में एम्बुलेंस बाराबंकी एआरटीओ कार्यालय से पंजीकृत कराई गई थी। बाराबंकी संभागीय परिवहन विभाग ने जब इस एंबुलेंस की पड़ताल शुरू की तो पता चला कि इसका रिनिवल ही नहीं कराया गया था और दस्तावेजों डॉ. अल्का राय की फर्जी वोटर आईडी से पंजीकृत पाई गई।
माफिया मुख्तार अंसारी के पंजाब जेल में बंद होने के दौरान अन्य जिलों में पेशी पर जाने के लिए फर्जी नाम पते पर एंबुलेंस मुहैया कराने के आरोप पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने डॉ. अल्का राय, डॉ. शेषनाथ राय, राजनाथ यादव, मुजाहिद समेत कई के खिलाफ नगर कोतवाली में 02 अप्रैल 2021 को अपराध संख्या 369/21 पर धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, 177, 506 आईपीसी और 07 क्रिमिनल लाॅ एमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा लिखाया गया था।
मामले में 25 मार्च को गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमें में मुख्तार अंसारी समेत 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। डॉ. अल्का राय भाई शेषनाथ राय को मंगलावर को अरेस्ट किया, जबकि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में और दो अन्य पहले से जेल में निरुद्ध है। मुकदमें में फरार 8 अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस जुटी।
संजीवनी अस्पताल की संचालिका हैं अलका राय
गौरतलब है कि एंबुलेंस प्रकरण में मऊ जिले की महिला डॉक्टर अलका राय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है| अभी 8 महीने जेल काटकर जमानत पर आई डॉ अलका राय और उनके भाई एसएन राय बाहर आए थे| अब गैंगस्टर के मामले में दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया| इस मामले में मुख्तार अंसारी, डॉक्टर अलका राय सहित 13 लोग अभियुक्त बनाए गए हैं| अलका राय बीजेपी नेता और संजीवनी अस्पताल की संचालिका हैं| उन पर आरोप है कि वे मुख्तार अंसारी को एंबुलेंस की सुविधा वर्षों से मुहैया करा रही थीं| इस मामले में गिरफ्तार होने के बाद डॉ अलका राय ने मंगलवार को कहा कि मुझे बाराबंकी पुलिस गिरफ्तार करके ले जा रही है| एंबुलेंस के मामले में गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा उनके ऊपर दर्ज किया गया है|