अगर आप अपने बरेली को इंदौर बनाना चाहते हैं तो समय से टैक्स जमा करें। नगर निगम का टैक्स विभाग ने यह अपील अपने बिलों पर छपवाई है। शहर स्मार्ट सिटी पहले ही बन चुका है, चुनाव में उसे इंटरनेशनल सिटी बनाने का दावा किया गया था
लेकिन इंदौर बनाने के रास्ते में दिक्कत यह है कि ये बिल हजारों ऐसे लोगों को भी भेज दिए गए हैं जिनका नगर निगम की सीमा में ठिकाना ही नहीं है। ऐसे तमाम लोग रोज ये बिल लेकर नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं ताकि पता लग सके कि माजरा आखिर है क्या।
नगर निगम के अधिकारियों को इस बार कम टैक्स वसूली हो पाने की वजह से जूझना पड़ रहा है लेकिन इससे दिक्कतें आम लोगों के लिए खड़ी कर दी गई हैं। वित्तीय वर्ष का अंत नजदीक होने की वजह से अब लोगों को मोबाइल फोन पर मेसेज भेजकर अपील की जा रही है
कि वे जल्द से जल्द ऑनलाइन मोड से अपना टैक्स जमा कर दें वर्ना उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिक्कत यह है कि ये मेसेज शहर से सटे इलाकों में हजारों ऐसे लोगों को भी भेज दिए गए हैं
जिनका नगर निगम सीमा में घर है न दुकान। नगर निगम के टैक्स का बिल मिलने के बाद ये लोग चकराए हुए हैं।
तमाम लोग नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें लाखों के बकाया का बिल भेजा गया है। ऐसे लोगों की संख्या इतनी ज्यादा है कि टैक्स विभाग में कुछ दिन पहले तक डबल डिमांड, नाम में गड़बड़ी,
ज्यादा टैक्स निर्धारण और भवन के आकार के संबंध में आती थीं लेकिन अब सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम सीमा से बाहर बिल भेजे जाने की ही आ रही हैं। टैक्स विभाग के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि सभी बिल जीआईएस सर्वे के आधार पर ही जारी किए गए हैं।