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24 अगस्त 2026

बस्ती न्यूज़ -मंदिर मे पुनः निर्माण और साफ सफाई मे बाधा डालने का पर सीएम को भेजा शिकायती पत्र

बस्ती -मंदिर मे पुनः निर्माण और साफ सफाई मे बाधा डालने का पर सीएम को भेजा शिकायती पत्र, एक बार फिर पुरानी बस्ती मंदिर का मामला पकड़ा तूल, विश्व हिन्दू परिषद नें की शिकायतबस्ती जिले के पाण्डेय बाजार बा…

बस्ती न्यूज़ -मंदिर मे पुनः निर्माण और साफ सफाई मे बाधा डालने का पर सीएम को भेजा शिकायती पत्र
बस्ती न्यूज़ -मंदिर मे पुनः निर्माण और साफ सफाई मे बाधा डालने का पर सीएम को भेजा शिकायती पत्र — बस्ती, उत्तर प्रदेश | फ़ोटो: TVL News

बस्ती -मंदिर मे पुनः निर्माण और साफ सफाई मे बाधा डालने  का पर सीएम को भेजा शिकायती पत्र, एक बार फिर पुरानी बस्ती मंदिर का मामला पकड़ा तूल, विश्व हिन्दू परिषद नें की शिकायत


बस्ती जिले के पाण्डेय बाजार बांसी रोड थाना पुरानी बस्ती जनपद बस्ती वार्ड नं0-1 मकान नं0-571 (मारवाड़ी मन्दिर के सामने स्थित कामरू कामाख्या मन्दिर के पुनः निर्माण व साफ सफाई में पदमावती देवी व उनके पुत्र अन्नजय जायसवाल पुत्र स्व० मोहनलाल द्वारा फर्जी तरह से मंदिर कार्य में बाधा डालने की शिकायत सीएम योगी से की है


शिकायत मे कहा गया की  मंदिर का निर्माण स्व जिलेबा देवी द्वारा अपने पति के स्मृति में सन् 1956 में कराया था। जिसमें चार अस्ट धातु की मूर्ति जिसमें श्री राम जानकी, लक्षमण जी व कामरू कामाख्या कि मूर्ति है व दिवाल पर नौ दुर्गा प्रतिमा हनुमान जी के साथ स्थापना कराया था। और मंदिर के शिखर पर मंदिर मां कामरू कामाख्या देवी जी का नाम स्वयं लिखवाया था। चूंकि जिलेबा देवी नावल्द थी इस लिए अपने वसियत डिड में अपनी चल अचल सम्पति जिसमें मंदिर के बगल दक्षिण में बेचे गए सम्पिति से अर्जित पाँच हजार रूपये व एक कित्ता मकान जिसके किराये से मंदिर की देख रेख हो सके पाण्डेय बाजार मेहदावल रोड पर स्थित वार्ड नं0 1 मकान नं0 462 आदि को मंदिर को समर्पित कर दिया।


वही विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष गोपेश पाल सूर्यवंशी नें कहा की जिलेबा देवी ने अपने वसीयत डीड में मंदिर व मंदिर सम्पत्ति मकान नं० 462 को मंदिर मालिक श्री राम जानकी, लक्ष्मण जी, दुर्गा जी, शंकर जी को मालिक घोषित कर समर्पित कर दिया व सरकारी अभिलेख में भी दर्ज करवा दिया व देख रेख के लिए अपने पट्टीदार मुन्नीलाल पुत्र जगतराम को दे दिया,  और अपने रजिस्टर्ड वसीयत में यह भी लिखा कि मंदिर सम्पत्ति या मकान नं0 462 से आने वाले किराये या मंदिर सम्पत्ति का सर्वाकार किसी भी प्रकार से खरीद बेच या निजी लाभ नही ले सकते है। और मंदिर में किसी प्रकार से फेर बदल नही कर सकते है। व मुन्नीलाल के बाद परिवार में जो बडे होंगे वही देख रेख करेंगे।,  जिलेबा देवी के स्वर्गवास के बाद से नियुक्त किये गये किसी भी देख रेख कर्ता ने मंदिर की देख रेख नहीं की और मंदिर को जिर्णशीण अवस्था में छोड दिया। जिसके बाद समाज द्वारा ही लगभग तीस से चालीस वर्षों से देख भाल मरम्मत भगवान का भोग व पूजा अर्चना किया जा रहा था।


यह कि बीच-बीच में कुछ दलाल भी मंदिर व मंदिर सम्पत्ति मकान नं0-462 का मूल्यांकन भी करने आते थे। बात करने पर पता चलता था कि जिलेबा देवी द्वारा नियुक्त देख रेख कर्ताओ द्वारा बेचने का प्रयास किया जा रहा है। जो कि प्रयास देख रेख कर्ताओ का सन् 2023 जून महीने में सफल भी हुआ और दबंगो के साथ सौदा करके मिल करके मौजूदा देख रेख कर्ताओ ने मंदिर गिरा दिया। जिससे समाज व सामाजिक संगठनों में अक्रोश पैदा हुआ और सभी लोग उक्त स्थल पर धरने पर बैठ गये समाज व सामाजिक संगठनो के धरना स्थल पर प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और जमीन की पैमाइश का आदेश हुआ तब यह खुलासा हुआ कि जिस भूमि पर मंदिर बना था वह भूमि जिलेबा देवी या उनके पट्टीदारो की नही थी। वह जमीन जोखू प्रसाद की थी जो नावल्द थे। इसलिए उक्त मंदिर पर ही जिलेबा देवी या उनके देख रेख कर्ताओ का हक था। न कि भूमि पर क्योकि उक्त भूमि जोखू प्रसाद की थी क्योकि जोखू प्रसाद की भूमि पर पहले से ही कुछ हिस्से पर शीतला माता मंदिर व पूजित कुंआ है। तो बची शेष भूमि पर जिस पर मंदिर गिराया गया था सामाजिक संगठनो द्वारा पुनः मंदिर कामरू कामख्या श्री राम जानकी, लक्ष्मण जी दुर्गा जी, शंकर जी का निर्माण शुरू किया। जिसके साफ सफाई व स्थापना का कार्य धना भाव में रूक गया था उसी को पुनः समाज द्वारा पुनः शुरू किया गया है। इस मंदिर निर्माण में जिलेबा देवी द्वारा नुियक्त किसी भी देख रेख कर्ता द्वारा जैसे कि पदमावती देवी इनके पुत्र अन्नजैय जायसवाल पुत्र स्व० मोहनलाल जायसवाल या सुनील जायसवाल पुत्र स्व० हीरालाल जायसवाल या इनके अन्य पुत्रगण का न तो किसी प्रकार का अर्थिक सहयोग न शारीरिक सहयोग न मानसिक सहयोग दिया गया है। मंदिर स्थापना कार्य में बांधा डालने की पूरी कोशिश अन्नजैय जायसवाल पुत्र मोहनलाल व इनकी माँ पदमावती देवी द्वारा तथ्यहीन दरखास्त देकर अधिकारियों को गुमराह व झूठ बोलकर काम रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हिन्दू समाज ने मंदिर निर्माण कराया तो जिलेबा देवी व इनके नाम को पुर्नजीवित शीलापट्ट लगाकर कर दिया है। अन्नजैय जायसवाल का एक ही उद्देश्य है कि वार्ड नं0 1 मकान नं0 462 को हड़पना चाहते है। जिससे उसका निजी लाभ ले सकें। जबकि वह मकान उस मंदिर को समर्पित है।

विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष नें यह भी कहा की


अन्नजय जैसवाल द्वारा एक सम्मानित पूर्व विधायक का नाम लेकर एवं महंत मनीष शर्मा पर मंदिर कब्जा करने का आरोप लगा रहा है जो कि बिल्कुल निराधार है। वही अन्नजय जैसवाल दोनों लोगों से अपने जान माल का खतरा बता रहा है। पूरा समाज अन्नजय जैसवाल की बातों से काफी खफा है। पूरे समाज के अनुसार पूर्व विधायक, मनीष शर्मा ने कभी भी अन्नजय जैसवाल को किसी भी प्रकार की धमकी नहीं दी है और ना ही मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। पूरा समाज पूर्व विधायक एवं महंत मनीष शर्मा के साथ है। सर्वाकार के नाम पर अन्नजय जैसवाल लगातार शासन प्रशासन को झूठ बोलकर गुमराह कर रहा है जबकि अन्नजय जैसवाल अपनी मां को सर्वाकार साबित करने के लिए माननीय सिविल जज सीनियर डिवीजन बस्ती के कोर्ट में वाद दाखिल किया है जो बाद लंबित है।



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यह रिपोर्ट 4 मार्च 2025 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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