आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और फाउंडर मेंबर मोहम्मद आकिब आज बस्ती जनपद के अटल बिहारी ऑडिटोरियम में आयोजित मुस्लिम संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करने पहुंचे थे। उक्त कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ली और पूर्वांचल में पार्टी को मजबूत करने के लिए संकल्प भी लिया। इस कार्यक्रम के आयोजन से मुस्लिम समुदाय का खुद को और हनुमान खाने वाले पार्टियों की नींद उड़ी हुई है क्योंकि धीरे-धीरे आजाद समाज पार्टी मुस्लिम वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की लगातार कोशिश कर रही है।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आकिब ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में आस्था के नाम पर जमकर लूट की जा रही है, आरोप लगाया कि महाकुंभ में VIP पास बेचे जा रहे है। आरोप लगाया कि देश के भोले भाले वासियों की आस्था से सरकार खिलवाड़ कर रही है। वही गंगा नदी के प्रदूषित होने की केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा जारी अलग-अलग रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरा तंत्र उनके हाथ में है वह जो चाहे वह रिपोर्ट बना सकते हैं मगर योगी जी सही तथ्यों पर अमल करके उसे सही करना चाहिए ना कि उस पर पर्दा डालना चाहिए। कहा कि मल मूत्र वाले पानी में लोग नहाने को मजबूर है और सरकार कह रही है गंगा मैली नहीं है। मोहम्मद आकिब ने कहा कि आस्था आज कोई नई-नई है इससे सैकड़ो वर्ष पहले भी हर समुदाय के लोगों में अपने-अपने धर्म के प्रति आस्था थी, देश की सरकार ही हिंदूवादी सोच वाली है तो ऐसे में हिंदू कहां से खतरे में है अपनी नाकामी छुपाने के लिए धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने की नाकाम कोशिश बीजेपी के लोग करते आ रहे हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि बाबर और औरंगजेब से पहले इस्लाम आया था इसलिए मुस्लिम कम्युनिटी को लेकर बार-बार बीजेपी के नेताओं के द्वारा इन शब्दों का इस्तेमाल करना उनकी गंदी मानसिकता को दर्शाता है। बीजेपी सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब से यह अलगाववादी ताकते देश पर राज कर रही हैं वे धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश में लगे हुए है। कहा कि आज तक सभी पार्टियों ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया है मगर अब वह ऐसे दल के साथ नहीं खड़ा होगा जो वोट लेकर उन्हें दरकिनार कर देते है। कहा पिछले 50 साल से मुस्लिमों के वोट की लूट की गई, मगर अब ऐसा नहीं होगा और मुसलमान जिस तरफ जायेगा देश में उसकी ही सरकार बनेगी।
महासचिव ने कहा कि अब वक्त आ गया है मुसलमान अपने शरण और संविधान दोनों को बचाने के लिए एकजुट हो जाए, क्योंकि संविधान के जरिए ही मुसलमान को धार्मिक आजादी का अधिकार मिला हुआ है और इसी अधिकार के जरिए हम देश में आराम से रह सकते हैं मगर अलगाव वादी और फिरका परस्त ताकते हमारे मौलिक अधिकार को छीन लेना चाहते है, और अमन चैन को बिगाड़ना चाहते है। वही समान नागरिक संहिता UCC के लागू करने के सवाल पर कहा कि बिल्कुल लागू होना चाहिए मगर उसमें आंशिक बदलाव की जरूरत है। कहा कि इस्लाम धर्म को जानने और समझने के बाद लोग मुस्लिम कम्युनिटी में कन्वर्ट भी हो रहे हैं इसलिए इसकी बुराई करने वाली ताकते लोगों को आपस में बांधना चाहते हो इससे इस्लाम खत्म नहीं होगा बल्कि और आगे बढ़ेगा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा सदन में कट मुला शब्द का प्रयोग करने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें तरस आता है कि एक सीएम होकर इस तरह का कायराना बयान दे रहे हैं और जो लोग उन्हें फॉलो कर रहे हैं वे भी गलत का समर्थन कर रहे हैं। अंत में महासचिव मोहम्मद आकिब ने कहा कि देश के लोग अब वक्त आ गया कि हैं ऐसा नेता चुने जो पढ़ा लिखा और शिक्षित हो, देश को चलाना जानता हो, जानी हो, वरना धर्म के नाम पर बांटने वाले नेताओं को अगर चुनते रहेंगे तो इसी तरीके से मैली गंगा में डुबकी लगाते रहेंगे।