बस्ती: शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बहादुरपुर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा0 पवन वर्मा ने एक मरीज को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर फाइलेरया उन्मूलन अभियान का षुरूआत किया। स्वास्थ्य केन्द्र पर मौजूद मरीजों को संबोधित करते हुए बताया कि फाइलेरिया को आमतौर पर हाथी पांव या फील पांव के नाम से जाना जाता है। यह रोग एक परजीवी की वजह से होता है और इसका इलाज नहीं है। यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से स्वस्थ इंसान में फैलती है।
कहा कि यह बीमारी इंसान को कुरूप, दुर्बल व आजीवन विकलांग बना देती है। इस बीमारी के लक्षण सामने आने में 5 से 10 वर्ष लग जाता है। यह बीमारी लटकने वाले अंगों जैसे हाथ, पैर महिलाओं के स्तन व पुरूषो के अंडकोष में होता है।
ब्लाक प्रबंधक कम्यूनिटी प्रोसेस ने बताया कि सोमवार से आषा बहू घर - घर जाकर दवा खिलाएंगी। अभियान के दौरान प्रत्येक घर तक पहुंचने के लिए ब्लाक क्षेत्र में 166 टीमें कार्य करेंगी। प्रत्येक टीम में दो कर्मचारी होगें जो पूर्ण रूप से प्रषिक्षित है। इन टीमों के कार्यों की निगरानी के लिए 27 पर्यवेक्षक लगाए गए है। किसी विषेष परिस्थिति में टीमों के सहयोग के लिए के लिए दो चिकित्सीय दल भी नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करेगा।
यह अभियान सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, गुरूवार व षुक्रवार को चलेगा। अभियान की निगरानी जनपद व राज्य स्तर की टीम द्वारा भी किया जायेगा।
चिकित्सा अधिकारी डा0 प्रभाकर चौधरी ने फामेंसी के छात्र व छात्राओं को बताया कि इसकी जांच रात में साढे आठ बजे के बाद रक्त का नमूना लेकर किया जाता है क्योंकि इसके कीटाणु रात के समय ही रक्त में आते है और दिन के समय वह मनुष्य के फेफड़ों व यकृत में रहते है। इस दौरान देवानंद पाठक, षषांक सिंह, अभय पांडेय, अरविंद कुमार, निखिल कुमार, अनिरूद्व मिश्रा सहित लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट- शिव कुमार चौधरी