बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गौर थाना क्षेत्र के तरैनी गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट| बस्ती जिले के गौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत तरैनी गांव में 5 साल से आत्मा भटकने ???ो लेकर दो पक्षों के बीच हुई जमकर मारपीट खूब चले ईट पत्थर पत्थर| सूचना पाकर गांव में दबिश देने पहुंची गौर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। जिस पर पुलिस वालों ने महिला व बच्चों सहित कुछ लोगों की जमकर पिटाई कर दी।
फिर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा अंधेरे का फायदा उठाकर ईट पत्थर भी फेंके जिसमें ग्रामीणों के साथ साथ कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए, गांव में कई थानों की पुलिस लगा दी गई पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया।
गौर थाना क्षेत्र के तरैनी गांव में शुक्रवार की रात पुलिस और ग्रामीणों में हुई झड़प के मामले में एसपी आशीष श्रीवास्तव ने शनिवार को एक दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, मामले में गौर थाने में एक पक्ष की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
तरैनी गांव में परशुराम यादव व राजदेव यादव के बीच विवाद हो गया,..जिस पर किसी ने पहले डायल 112 को सूचना दी। शुक्रवार की रात लगभग 11 बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया। लेकिन कुछ देर बाद फिर लोगों में विवाद शुरू हो गया।
विवाद को देखते गौर थाने की पुलिस सरकारी जीप से गांव पहुंची। जहां पर महिलाओं से कहासुनी होने लगी। इस पर नाराज पुलिसकर्मियों ने कुछ लोगों की पिटाई कर दी। देखते ही देखते आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वालों पर हमला बोल दिया और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
अंधेरे का फायदा उठाते हुए ईट पत्थर भी खूब फेंके गए, जिससे जीप के शीशे टूट गए। मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी रमाशंकर यादव का नेम प्लेट व दो चश्मे ग्रामीणों के हाथ लग गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के शुभम, धर्मेंद्र, अंजनी यादव, राजेश के मोबाइल पुलिसकर्मी उठा ले गए। जबकि पुलिस की पिटाई से रंजीत (14) मुकेश (12) अंजनी (25) लालू (5) को गंभीर चोटें आई हैं। जिन्हें जिला अस्पताल भेजा गया है।
तरैनी गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के लिए पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने प्रथमदृष्टया स्थानीय पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार माना है। इस मामले में शुक्रवार की देर रात मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक दीपेंद्र नाथ चौधरी और सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय की रिपोर्ट के आधार पर एसआई सिद्धनाथ यादव, हेड कांस्टेबल रमाशंकर यादव, अजीत कुमार व कांस्टेबल अरविंद कुमार, दीपक चौहान को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है। जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में गौर तरैनी गांव के वीरेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर दूसरे पक्ष के राजदेव यादव, विद्यावती, हृदयराम यादव, राजेश यादव, अंजलि, विमला उर्फ लालमति व जोगिंदर के खिलाफ मारपीट करने व बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने बताया कि तरैनी गांव के वीरेंद्र कुमार यादव के बड़े भाई की वर्ष 2015 में बीमारी से मृत्यु हो गई थी। वीरेंद्र का आरोप है गांव के कुछ परिवारों का मानना है कि उसके भाई की आत्मा अब भी गांव में भटक रही है। ऐसे में जब भी कोई बीमार पड़ता है तो लोग उसके घर उलाहना देने पहुंच जाते हैं कि भाई की आत्मा को शांत कराओ। शुक्रवार को भी यही हुआ। गांव की एक लड़की और भैंस बीमार पड़ गई। इसकी उलाहना देने जब योगेंद्र के पक्ष के लोग वीरेंद्र के घर पहुंचे तो विवाद शुरू हो गया।
वीरेंद्र और उसके विपक्षी के बीच हो रहे विवाद की सूचना पर जब शुक्रवार की देर रात पुलिस गांव पहुंची तो पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया गया। इसमें कुछ पुलिसकर्मी व ग्रामीणों को भी चोटें आई और सरकारी जीप के शीशे भी टूट गए थे।