नई दिल्ली: ऑक्सीजन की किल्लत पर सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम की रिपोर्ट के बाद बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर हमलवार हो गई है| दिल्ली सरकार के जरूरत से 4 गुना ज़्यादा ऑक्सीजन मांगने के ऑक्सीजन ऑडिट पैनल की रिपोर्ट पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा,''इसके कारण घबराहट फैली और जो ऑक्सीजन दूसरे राज्यों को दी जा सकती थी उसे यहां लाना पड़ा जिसकी जरूरत नहीं थी। इस रिपोर्ट के बाद ये इन मौतों के जिम्मेदार कहे ही जाएंगे|
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा,''इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पैनल को भाजपा बताना दूसरी गलती है जिसके लिए इन लोगों को माफ नहीं किया जाना चाहिए। यह अमानवीय कृत्य है और इसके लिए अरविंद केजरीवाल को कानूनन जरूर सजा मिलनी चाहिए|
BJP सांसद गौतम गंभीर ने कहा,''दिल्ली के मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि जब सबको एकजुट होकर महामारी के खिलाफ लड़ना था.. तब घबराहट क्यों पैदा की गई? 279 मीट्रिक टन की जरूरत थी तब क्यों बोला गया कि 1100 मीट्रिक टन की जरूरत है? आपने निजी अस्पतालों को क्यों कहा कि अपनी मांग बढ़ाकर केंद्र को बताइये| दिल्ली के मुख्यमंत्री हर चीज में झूठ बोलकर निकल नहीं सकते। वे देश की जनता से माफी मांगें। ऐसे वक्त में भी इतनी घिनौनी राजनीति सिर्फ एक ही व्यक्ति कर सकता है और उसका नाम अरविंद केजरीवाल है|
दरअसल,''सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम ने दावा किया है ,COVID की दूसरी लहर के पीक के दौरान दिल्ली सरकार ने जरूरत से चार गुना अधिक ऑक्सीजन मांगी| SC ऑडिट पैनल की रिपोर्ट से दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार कठघरे में खड़ी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित समिति ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान जब देशभर में ऑक्सिजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था, तब दिल्ली सरकार ने जरूरत के चार गुना ज्यादा ऑक्सीजन की मांग कर दी थी। समिति ने सुप्रीम कोर्ट को बताई कि दिल्ली सरकार को जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन आपूर्ति के कारण 12 राज्यों को ऑक्सीजन संकट का सामना करना पड़ता|
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि,''एक तथाकथित रिपोर्ट बताई जा रही है कि दिल्ली में जब कोरोना का पीक था तो ऑक्सीजन की कमी नहीं थी और ऑक्सीजन की मांग 4 गुना बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी। भाजपा के नेता जिस तथाकथित रिपोर्ट के हवाले से अरविंद केजरीवाल को गाली दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है|
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि,''हमने ऑडिट कमेटी के कई सदस्यों से बात की, सबका कहना है कि उन्होंने किसी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो रिपोर्ट लेकर आओ जिसे ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने मंजूरी दी हो|
सिसोदिया ने कहा कि,''मीडिया के मित्रों से भी मेरा आग्रह है कि बीजेपी से उस तथाकथित रिपोर्ट की- ऑडिट कमेटी के सदस्यों द्वारा signed, approved कॉपी तो माँगिए जिसके बारे में बीजेपी बरगलाने की कोशिश कर रही है. मामला मा. सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी का है, BJP-HQ में बनी किसी कमेटी का थोड़े ही है.
दिल्ली में ऑक्सिजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने कोई ऐसी रिपोर्ट अभी तक approve या sign ही नहीं की जैसा बीजेपी के नेता सुबह से दावा कर रहे हैं पहले तो पूरे देश में ऑक्सिजन सप्लाई का बँटाधार किया, अब उन मरीज़ों, डाक्टर्स और hospitals को भी झूँठा बता रहे हैं जो ऑक्सीजन की कमी से परेशान रहे है|