लखनऊ: यूपी पंचायत चुनाव 2021: यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण नियमावली जारी के बाद आज शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की सूची जारी कर दी गई। सूची जारी होने के बाद से राजनैतिक दलों की सरगर्मियां तेज हो गई है। वहीं पश्चिम उप्र के 18 जिलों में पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समान्य के खाते में 12 सीटे आई हैं। पश्चिम उप्र में जो पंचायत अध्यक्ष की जो सीट समान्य के खाते में गई है उनमें मेरठ, अलीगढ, हाथरस, आगरा, मथुरा, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और नोएडा यानी गौतमबु़द्ध नगर शामिल है।
वहीं शामली और बागपत अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई है। संभल हापुड अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए और सहारनपुर और मुजफ्फरनगर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों की आरक्षण व्यवस्था की जारी सूची की जानकारी दी।
प्रदेश के 75 जिलों में से 27 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कोई आरक्षण नहीं है। 12 जिलों में महिला, 27 जिलों में ओबीसी और 16 जिलो में यह सीट एससी के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके साथ ही ब्लॉक प्रमुखों के 826 पदों में से 314 अनारक्षित हैं। महिलाओं के लिए 113, ओबीसी के लिए 223 तथा एससी के लिए 171 तथा पहली बार एसटी के लिए पांच पद आरक्षित किए गए हैं।
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27 जिला पंचायत अध्यक्ष सीट अनारक्षित श्रेणी से होंगे, जबकि 48 आरक्षित। इनमें अनुसूचित जाति की 16 (6 महिला), पिछड़ी जाति की 20 (7 महिला) और 12 सीटें सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे पहले गुरुवार को शासन ने आरक्षण नीति जारी कर दी थी। नीति में साफ है कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए आरक्षण की जो स्थिति थी, वह इस बार बदलेगी। आरक्षण नीति में वर्ष 1995 से 2015 तक तय आरक्षण को संज्ञान में रखा जाएगा। उधर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर परिसीमन को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है।