बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थानाक्षेत्र के परेवा गांव निवासी सहदेव हत्या मामले में फरार दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है| पुलिस ने मुठभेड़ में सहदेव हत्या मामले में फरार आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर लिया है| मुठभेड़ के दौरान सूरज का साथी विकास भी चढ़ा पुलिस के हत्थे। बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के कुदरहा रोड से लिंक पर हुआ मुठभेड़। सोमवार को पुलिस ने हत्या में शामिल पत्नी और पुत्र को गिरफ्तार किया था| पत्नी ने अपने प्रेमी सूरज और बेटे के साथ मिलकर की थी अपने पति सहदेव की हत्या। हत्या कर गन्ने के खेत मे फेंकी गई थी लाश।
थाना लालगंज पुलिस व एंटी नार्कोटिक्स टीम की संयुक्त टीम ने सहदेव हत्याकांड में फरार आरोपी सूरज पुत्र रामदयाल व विकास पुत्र रामफल को आज कोप ग्राम के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया| पुलिस ने बताया गया ,''आरोपी सूरज व विकास द्वारा पुलिस टीम पर फायर किया गया ,पुलिस टीम जवाबी कार्यवाही करते हुए दोनों अभियुक्??ों को गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान अभियुक्त सूरज के दाहिने पैर में गोली लगी है जिसे इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया।
बताते चलें कि, पुलिस ने मृतक सहदेव की पत्नी किरन व नाबालिक पुत्र को सोमवार को ही उनके घर ग्राम परेवा से गिरफ्तार किया था| छह दिसंबर 2021 की रात लालगंज थाना क्षेत्र के परेवा गांव निवासी सहदेव की पत्नी किरन ने अपने नाबालिक बेटे रवि प्रकाश, प्रेमी सूरज और एक अन्य युवक विकाश के साथ मिलकर अपने पति हत्या कर दी थी| किसी को इस पूरी साजिश की भनक न लगे, इसलिए शव को गांव के सिवान में स्थित गन्ने के खेत में लाकर फेंक दिया गया। इस पूरे मामले में ''पति- पत्नी और वो'' का मामला सामने आया था|
किरन ने सहदेव की हत्या करने के एवज में दो लाख रुपये देने की बात कही थी
सहदेव हत्याकांड में फरार आरोपी सूरज व विकास को आज कोप ग्राम के पास गिरफ्तार किया गया| पत्नी का आशिक किरन सूरज ने बताया गया कि दिनांक 06.12.2021 कि रात को हम दोनो ने ग्राम परेवा की रहने वाली किरन पत्नी सहदेव ने हमें सहदेव की हत्या करने के एवज में दो लाख रुपये देने की बात कही थी. इसी लालच में आकर हम दोनो ने किरन व उसके बेटे के साथ मिलकर एवं योजना बनाकर सहदेव की हत्या उसके घर पर ही गला दबाकर व दण्डे से मारकर किये थे तथा लास को गांव के बाहर गन्ने के खेत में छिपा दिए थे। जिसमें पलिस हमें तलाश कर रही थी तथा हम काफी दबाव में थे इसी लिये आज की रात बस्ती शहर छोड़कर कही बाहर जाने की फिराक में थे लेकिन आप लोगों ने पकड़ लिया|
तमंचा व कारतस के विषय में पूछने पर बताया कि बिहार से एक व्यक्ति लाकर तमंचा कारतूस गोरखपुर में रेलवे स्टेशन के पास बेचता है उसी से हम लोगो ने लिया है जिसका नाम पता हम लोग नही जानत है। यह तमंचा व कारतस अपने सरक्षा व पुलिस से बचने के लिए अपने पास रखे हुए थे अभियुक्त सुरज ने बताया कि यह रडमा वाला माबाइल मृतक सहदव का है।
परिवार की उपेक्षा कर गांव की महिला से अवैध संबंध होने की वजह से सहदेव को मौत के घाट उतारा गया था
लालगंज पुलिस ने परेवा निवासी सहदेव हत्याकांड का सोमवार को पर्दाफाश कर दिया था| परिवार की उपेक्षा कर गांव की महिला से अवैध संबंध होने की वजह से उसे मौत के घाट उतारा गया। सहदेव की पत्नी ने अपने प्रेमी को दो लाख रुपये का लालच देकर पति की हत्या करवाई, जिसमें उसका नाबालिग बेटा भी शामिल था। पुलिस ने हत्यारोपित पत्नी और उसके नाबालिग बेटे को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया था।
पत्नी ने अपने प्रेमी को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी
सहदेव की पत्नी किरन (आशा कार्यकर्ता) ने अपने प्रेमी के साथ पति के हत्या की योजना बनाई और इसमें प्रेमी के साथ ही अपने नाबालिग बेटे को भी शामिल कर लिया था। हत्या के लिए उसने अपने प्रेमी सूरज को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने आरोपित मां को गिरफ्तार कर बेटे को भी पकड़ा था। मगर सोमवार को हत्यारोपी प्रेमी और उसका दोस्त पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मेरे पति का सम्बन्ध मेरे ही गाँव के महिला से अवैध संबंध था, कमाई का सारा पैसा उसी को दे देते थे
किरन ने बताया गया कि,'' मेरे पति सहदेव का अवैध सम्बन्ध मेरे ही गाँव के पार्वती पत्नी विदेशी से था । वह अपनी कमाई का सारा पैसा उसी को दे देते थे और अपना सारा खेत उसी महिला को जोतने-बाने के लिए दे दिये थे। जबसे पूना से कमाकर आए हैं तबसे मुझे कोई पैसा नहीं दिए सारा पैसा पार्वती को दे दिए, पूछने पर मुझे गाली गुप्ता देते हुए कहने लगे अब मैं अपनी सारी जायदाद पार्वती को ही लिख दूँगा ।
डर था कि कहीं उसका पति सहदेव अपनी पूरी संपत्ति उस महिला के नाम न कर दे
किरन ने आगे बताया गया कि,''मैं आशा बहू हूँ किसी तरह मैं अपनी कमाई से अपने बच्चों को पालती हुँ तथा मेरा प्रेम सम्बन्ध बगल के गाँव जमालपुर के सूरज से हो गई थी। जब मैंने देखा कि अब अपनी जायदाद भी पार्वती को लिख देंगे तो मेरे बच्चे अनाथ हो जायेंगे। तब मैंने सूरज से बात किया और कहा कि इनको रास्ते से हटा दो मैं तुम्हें दो लाख रुपया भी दूँगी तो सूरज तैयार हो गया और वह अपने साथी विकास पुत्र रामफल शर्मा सा0 कुदरहा को लेकर दिनाँक 06.12.2021 को रात में आया, मेरे पति शराब पीकर बरामदे में चारपाई पर सो गये थे।
मैं व मेरा लड़का और सूरज व विकाश मिलकर छह दिसंबर की रात घटना को दिया अंजाम: किरन
किरन ने बताया, मैं व मेरा लड़का और सूरज व विकाश मिलकर अपने पति को मारने का प्लान बनाये और उसी रात में करीब 11.00 बजे मैं व मेरा लड़का, सहदेव का पैर पकड़ा और विकास ने दोनो हाथ पकड़ा तथा सूरज ने उनका गला दबा दिया। फिर भी छटपटा रहे थे तो सूरज ने डंडा उठाकर उनके सिर पर कई बार किया जिससे उनकी मृत्यु हो गयी। तब हम चारो लोग लाश को ले जाकर गाव के पास गन्ने के खेत में छुपा दिये।
यह है मामलायह है मामला
परेवा गांव निवासी 40 वर्षीय सहदेव का शव शनिवार को घर से 60 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। दिवंगत के बड़े भाई बदरी प्रसाद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका भाई सात दिसंबर को घर से निकला था जिसका शव 11 दिसंबर को गन्ने के खेत में मिला।
परेवा गांव के पूरब सिवान में रामचेत के गन्ने के खेत में शनिवार को घास काटने गईं महिलाओं की सबसे पहले नजर सहदेव (40) के शव पर पड़ी थी। गांव का ही युवक होने के बाद शव की शिनाख्त में घंटों लग गए। उसकी पत्नी किरण मौके पर पहुंची और उसकी शिनाख्त के बाद पुलिस ने अग्रिम कार्यवाही शुरू की।
सहदेव 28 नवंबर को पुणे से आया था घर
पूना में प्राइवेट नौकरी करने वाला सहदेव 28 नवंबर को गांव लौटा था। अपनी पत्नी किरन को पुणे ले जान के लिए नौ दिसंबर को टिकट भी निकलवाया था। उसकी पत्नी आशा कार्यकर्ता है और वह पुणे जाना नहीं चाहती थी। दिवंगत सहदेव का उसकी पत्नी से अक्सर विवाद भी होता रहता था। पत्नी ने बताया था कि उसका पति छह दिसंबर को गांव की एक महिला के साथ बुआ के घर गया था। उसी दिन बुआ के घर से लौटा मगर वापस घर नहीं आया था। 11 दिसंबर को सूचना मिली की धर के पास गन्ने के खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। किरन ने शव की शिनाख्त पति के रूप में की।
सहदेव का शव मिलने व उसके शरीर पर चोट के निशान देखने के साथ ही घटनास्थल पर पहुंचे एसपी आशीष श्रीवास्तव ने हत्या की आशंका जता दी थी। लालगंज पुलिस ने मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर हत्या कर शव छिपाने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
सूचना न देने से पैदा हुआ संदेह
सहदेव का शनिवार को शव मिला तो उसकी पत्नी किरन ने बताया कि वह चार दिन से लापता थे। मगर उसने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। उसके यह कहने पर पुलिस को संदेह हुआ कि आखिर पति के चार दिन से लापता होने की थाने पर पत्नी ने सूचना क्यों नहीं दी।
संदेह के घेरे में आ गई थी पत्नी की भूमिका
पुलिस की शुरुआती जांच में ही पत्नी की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई। सहदेव का गांव की एक महिला से संबंध होने की बात भी सामने आ चुकी थी। ऐसे में घटना का पर्दाफाश करने में पुलिस को आसानी हुई। सोमवार को पुलिस की पूछताछ में दिवंगत की पत्नी किरन ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसके पति का संबंध गांव की एक महिला से था। अपनी कमाई का सारा पैसा वह उसी को दे देते थे। इतना ही नहीं खेत भी उसी को जोतने-बोने के लिए दे दिया था। पुणे में प्राइवेट नौकरी करने वाले सहदेव जब नवंबर में कमाकर गांव आए तो सारा पैसा उन्होंने उसी महिला को दे दिया। पूछने पर अपशब्द कहते हुए सारी जायदाद उसको लिखने की धमकी दी। पत्नी का भी एक युवक से था नाजायज संबंध
हत्या कर गन्ने के खेत मे फेंकी गई थी लाश
सोमवार को गिरफ्तार की गई सहदेव की पत्नी किरन (आशा कार्यकर्ता) से पूछताछ के आधार पर एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया था कि किरन के पति सहदेव का गांव की एक महिला से अवैध संबंध था। पूना से आकर वह अपना पैसा उसी को दे देता था। विरोध करने पर झगड़ा करता था और कहता था कि अपनी संपत्ति भी उसी के नाम कर देगा। खेती की जमीन भी उसी महिला को जोतने-बोने के लिए दे दिया था। इससे किरन बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान होने लगी। इसी के चलते उसने पड़ोसी गांव जमालपुर के अपने प्रेमी सूरज से मिलकर पति सहदेव को जान से मारने का षड़यंत्र रच डाला।
महिला ने बताया कि सूरज ने अपने साथी विकास निवासी कुदरहा से मिलकर छह दिसंबर की रात घटना को अंजाम दिया। उस रात सहदेव रिश्तेदारी से नशे में धुत होकर लौटकर आया था। किरन ने जुर्म कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि रात करीब 11 बजे उसने व उसके बेटे ने सहदेव के दोनों पैर और विकास ने दोनों हाथ पकड़ लिए। इसके बाद सूरज ने उसका गला दबा दिया। छटपटाता देख सूरज ने डंडे से सिर पर कई वार किया। जिससे सहदेव की मौत हो गई। इसके बाद चारों ने लाश को ले जाकर घर से थोड़ी दूरी पर गन्ने के खेत में छिपा दिया था।