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26 अगस्त 2026

बिना मुआवजा दिये रामजानकी मार्ग सड़क निर्माण पर भड़के किसान, सपा नेता सिद्धार्थ सिंह, महेन्द्रनाथ यादव और कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

बस्ती: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में किसानों ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुये गुरूवार को दुबौलिया विकासखण्ड के बैरागल बा…

बिना मुआवजा दिये रामजानकी मार्ग सड़क निर्माण पर भड़के किसान, सपा नेता सिद्धार्थ सिंह, महेन्द्रनाथ यादव और कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
बिना मुआवजा दिये रामजानकी मार्ग सड़क निर्माण पर भड़के किसान, सपा नेता सिद्धार्थ सिंह, महेन्द्रनाथ यादव और कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन | फ़ोटो: TVL News

बस्ती: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में किसानों ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुये गुरूवार को दुबौलिया विकासखण्ड के बैरागल बाग में शारीरिक दूरी का पालन करते हुये मुआवजे की माँग को लेकर धरना दिया। मांग किया कि श्रीराम जानकी मार्ग एनएच-227 ए पर सड़क निर्माण किसानों को मुआवजा देने के बाद ही किया जाय।




धरना स्थल पर सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि किसानों को बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। धरने के बाद सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव और सिद्धार्थ सिंह ने किसानों के प्रतिनिधि मण्डल के साथ हर्रैया के उप जिलाधिकारी प्रेम प्रकाश मीणा  से वार्ता किया और स्थितियों की जानकारी दिया। 




सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि प्रेम प्रकाश मीणा ने  प्रतिनिधि मण्डल को आश्वासन दिया कि किसानों को बिना मुआवजा दिये  सड़क निर्माण नहीं होगा। इस पर सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि यदि बिना मुआवजा दिये निर्माण हुआ तो किसान पुनः आन्दोलन को बाध्य होंगे।  बताया कि किसान विकास विरोधी नही है। उसे मुआवजा देने के बाद ही सड़क निर्माण कराया जाय। यदि वृहद किसान आन्दोलन की स्थिति उत्पन्न हुई तो इसके लिये  जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।




सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि  यदि जबरिया बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण की कोशिश की गई तो किसान शारीरिक दूरी का पालन करते हुये अपने अधिकारों की मांग को लेकर आन्दोलन को बाध्य होंगे और इसका पूरा दायित्व प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन का होगा।




ज्ञात रहे कि सपा नेता सिद्धार्थ सिंह ने पूर्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था कि  श्रीराम जानकी मार्ग एनएच-227 ए पर किसानों को बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण कराया जा रहा है। यह प्रकरण समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी  संज्ञान में है और  नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने इसे गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर  मामले में किसानों को मुआवजा देने के बाद ही सड़क निर्माण का आग्रह किया था। 




 इस पत्र के बाद जिलाधिकारी बस्ती द्वारा पत्र जारी कर सड़क निर्माण रोकने का आदेश दिया गया। किसानों में आस जगी थी कि जिलाध्किारी के पत्र के बाद अब किसानों को उनकी भूमि का मुआवजा मिल सकेगा किन्तु बिना भूमि  अधिग्रहण एवं मुआवजा दिलाये पुनः श्रीराम जानकी मार्ग एनएच-227 ए पर सड़क निर्माण का कार्य आरम्भ   कर दिया गया । सपा नेता सिद्धार्थ ने चेतावनी दिया है कि किसी भी स्थिति में किसानों के जमीनों की लूट नहीं होने दी जायेगी, यदि बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण कराया गया तो किसान हक के लिये आन्दोलन को बाध्य होंगे।दुबौलिया विकासखण्ड के बैरागल बाग में धरना प्रदर्शन कर हक मांगने वालों में  यदुराम यादव , रामसवारे , राजेश दुबे , रामबाबू , अहरार अहमद ,आजाद , सेराज के  साथ ही अनेक किसान शामिल रहे।








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