बेंगलुरू: कर्नाटक 'हिजाब और भगवा शॉल पहनने मामले पर कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है| कर्नाटक हाईकोर्ट में हिजाब मामले में मुस्लिम छात्राओं की 4 याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- हम तर्क और कानून के साथ जाएंगे, जुनून या भावनाओं के साथ नहीं। संविधान जो कहता है, हम उस पर चलेंगे। संविधान मेरे लिए भगवद गीता है।
एडवोकेट जनरल ने कर्नाटक हाई कोर्ट से कहा- कॉलेजों को यूनिफॉर्म तय करने की स्वायत्तता दी हैं; उन्होंने कहा हैं कि जो छात्र छूट चाहते हैं वे कॉलेज विकास समिति से संपर्क करेंगे।
वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत का कहना है कि स्कार्फ पहनना मुस्लिम संस्कृति का एक अनिवार्य हिस्सा है।
इस मामले की लिस्टिंग पर हाईकोर्ट ने कहा कि एक मामले में जो भी फैसला होगा, वह सभी याचिकाओं पर लागू होगा। हाईकोर्ट में सुनवाई फिलहाल रोक दी गई है, जो 3 बजे के बाद दोबारा शुरू होगी।
कर्नाटक हाईकोर्ट की बेंच ने सुनवाई की शुरुआत में पहले ही पॉइंट पर की पुष्टि के लिए पवित्र कुरान की एक प्रति मांगी। जस्टिस दीक्षित ने पूछा कि यह कुरान की प्रामाणिक प्रति है, इस पर तो कोई विवाद नहीं। कुरान की कॉपी बैंगलोर के शांतिप्रकाश पब्लिशर्स ने प्रकाशित की है। एडवोकेट जनरल ने कहा कि कुरान के कई अनुवाद है।