भिवानी: हरियाणा के भिवानी में एक खनन खदान में भूस्खलन हुआ। भिवानी जिले के तोशाम एरिया में शनिवार को खनन के दौरान पहाड़ दरकने से 20 से 25 लोग पत्थरों के नीचे दब गए। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई| भूस्खलन से खनन कार्य में लगे करीब एक दर्जन वाहन भी दब गए| इस घटना की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया| घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल हो गया| फिलहाल 4 मजदूरों के शव निकाले गए हैं, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। पहाड़ दरकने से गिरे सैकड़ों टन वजनी पत्थरों के नीचे कई पोकलेन मशीनें, ट्रक और अन्य वाहन भी दब गए हैं।
भिवानी में एक खनन खदान में भूस्खलन के बाद हरियाणा के मंत्री जे.पी. दलाल घटनास्थल पर पहुंचे। मंत्री जे.पी. दलाल ने बताया, "कुछ लोगों की जान गई है, अब तक तीन लोग अस्पताल गए हैं। 3-4 लोग और हो सकते हैं। प्रशासन को आदेश दिया गया है कि दबे हुए लोगों को निकालने की कोशिश करें।"
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। पहाड़ दरकने के बाद गिरे पत्थरों हटाकर लोगों की तलाश शुरू कर दी है। बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण उन्हें हटाने में दिक्कत आ रही है। पत्थरों को काटकर हटाने का प्रयास प्रशासन कर रहा है। दबे व्यक्तियों की संख्या को लेकर अभी कुछ स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आ पाया है। घटनास्थल से दूर ही आम लोगों को रोका गया है।
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा, भिवानी जिले की माइनिंग साइट पर जो हादसा हुआ है, उससे वो बहुत दुखी हैं. प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है| गाजियाबाद से NDRF की मधुबन से SDRF की टीम बुलाई गई है| हिसार से आर्मी की एक यूनिट बुलाई गई है| अभी तक 4 लोगों की मृत्यु हुई है|
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भिवानी में दादम खनन क्षेत्र में दुर्भाग्यपूर्ण भूस्खलन दुर्घटना से दुखी हूं। मैं त्वरित बचाव अभियान और घायलों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं|
भिवानी जिले के दादम खनन क्षेत्र में शनिवार को हुए लैंड स्लाइड के कारण आधा दर्जन डंपर ट्रक और कुछ मशीनें दब जाने से अब तक कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में कुछ घायलों को इलाज को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। फिलहाल पहाड़ के खिसकने के कारणों का पता नहीं चल पाया है|
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा क्षेत्र में खनन कार्य पर से प्रतिबंध हटने के बाद से दादम खनन क्षेत्र और पहाड़ी में बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियां धड़ल्ले से जारी है| NGT ने गुरुवार को ही इस इलाके में खनन दोबारा शुरू करने की अनुमति दी। NGT की अनुमति के बाद शुक्रवार से खनन कार्य शुरू हो गया। दो महीने खनन बंद रहने की वजह से मार्केट में भवन निर्माण सामग्री की किल्लत हो गई थी। आशंका है कि इस किल्लत को जल्दी दूर करने के लिए यहां बड़े स्तर पर ब्लास्ट किए गए और इसी वजह से पहाड़ दरक गया|
रोक के बावजूद नाजायज़ माइनिंग सीधे खट्टर सरकार के संरक्षण में हो रही है
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ,' नए साल के मौक़े पर भिवानी, हरियाणा के नाजायज़ खनन हादसे में मज़दूर भाइयों की मौत की ख़बर अत्यंत दुःखदायी है। सुरजेवाला ने कहा कि ,'गहन चिंता का विषय ये है कि दर्जनों मज़दूर व मशीन पत्थरों व मलबे के नीचे दबे हैं। रोक के बावजूद नाजायज़ माइनिंग सीधे खट्टर सरकार के संरक्षण में हो रही है।
सवाल उठाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि ,'क्या मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री जबाब देंगे
- 1. नाजायज़ खनन खुले आम सरकार की नाक के नीचे कैसे हो रहा?
2.सरकार के कौन सफ़ेदपोश इस धंधे से करोड़ों लूट रहे?
3. नाजायज़ खनन की लूट में कौन कौन हिस्सेदार?
4. मज़दूरों की मौत की ज़िम्मेवारी सरकार में किसकी?
5. क्या खनन रैकेट की न्यायिक जाँच होगी?
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में कहा कि,'' आज डाडम-भिवानी क्षेत्र में हुए हादसे में कई मजदूरों की मृत्यु, कईयों के दबे होने और घायल होने की ख़बर दुःखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि व घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। अरावली पहाड़ को ख़त्म न करने के सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के बावजूद खनन कैसे चल रहा था|
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि,''इस हादसे की पूर्ण जिम्मेदार मौजूदा हरियाणा सरकार है। हज़ारों करोड़ रुपये के खनन घोटाले की न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही जिन लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई है उनके परिवारजनों को सरकार पर्याप्त मुआवजा दे। सरकार युद्धस्तर पर बचाव अभियान व पीड़ितों को सहायता सुनिश्चित कराए।
हरियाणा की पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता किरण चौधरी ने कहा कि हादसा दुखद है और सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। हादसे में जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है और जो घायल हैं, उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं। सरकार की ओर से घायलों को तुरंत सहायता प्रदान की जाए। मृतकों के लिए उचित मुआवजे का एलान किया जाए।
किरण ने कहा उन्होंने तोशाम में खनन का मामला कई बार विधानसभा में उठाया है, लेकिन सरकार ने इस को अनदेखा किया है। हादसे के पीछे खनन माफिया जितना जिम्मेदार है, उससे कहीं ज्यादा सरकार जिम्मेदार है। खनन माफियो के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करे।