पटना: बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष समीर कुमार सिंह ने कहा,''बिहार के सभी विधायक, विधान परिषद के सदस्य और 12 अन्य प्रमुख नेता 7 जुलाई को दिल्ली में राहुल गांधी जी से मिलेंगे। मुझे भी मिलने के लिए बुलाया गया है। राहुल जी से मिलकर हमें बिहार में पार्टी को मजबूती प्रदान करने का संदेश मिलेगा|
बताया जा रहा है कि,''बिहार कांग्रेस को जल्द ही नया अध्यक्ष मिल सकता है। आलाकमान ने इसके लिए ‘टैलेंट हंट’ शुरू कर दिया है।कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश के वरीय नेताओं से नये अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य के कांग्रेसी विधायकों, सांसदों व विधान परिषद सदस्यों को दिल्ली बुलाया गया है। सात जुलाई को सभी नेता दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी राय देंगे।
वहीँ ,बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से जनता दरबार की शुरुआत करने वाले हैं। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार में एनडीए की सरकार गिराने की तैयारी कर रहे हैं। बिहार की सत्ता हथियाने के लिए अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिल रहे टिप्स पर राजनीतिक चाल चल रहे तेजस्वी यादव कितने सफल होंगे या तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन यह सच है की पूर्ण बहुमत की सरकार रहने के बावजूद बिहार की राजनीति छह महीने के अंदर ही गरमा चुकी है।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा था, गिरी हुई सरकार का गिरना तय है। मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं। मदन साहनी ने ये तक कहा कि मुख्यमंत्री के आसपास जो लोग रहते हैं उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाए, इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है? अब तो नीतीश कुमार को अपनी अंतरआत्मा को जगाना चाहिए|
बिहार के पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने शनिवार को आरजेडी का दामन थाम लिया। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर हुए मिलन समारोह के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें आरजेडी की सदस्यता दिलाई। आपको बता दें कि महेश्वर सिंह ने 2010 के विधानसभा चुनाव में समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके पहले 2005 में उन्होंने रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी से हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से ही जीत हासिल की थी।
आपको यह भी बता दे कि महेश्वर सिंह नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। शनिवार को आरजेडी का दामन थामने वाले महेश्वर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार चलाने में फेल हो चुके हैं और बिहार के लिए तेजस्वी यादव से बेहतर विकल्प कोई नहीं है।
शनिवार को महेश्वर सिंह के साथ जेडीयू नेता मंजीत सिंह भी आरजेडी में शामिल होने वाले थे। लेकिन उनके आरजेडी में शामिल होने का ऐलान करने की बात सुन नीतीश कुमार के राजनीतिक सिपाहियों ने, जिसमें मंत्री लेसी सिंह, पूर्व मंत्री और जदयू के कई बड़े नेता शामिल थे। उन लोगों ने गोपालगंज पहुंचकर मंजीत सिंह को इस बात के लिए राजी कर लिया कि वह आरजेडी में शामिल नहीं होंगे। उन्हें मनाने के बाद जदयू नेता उन्हें अपने साथ पटना ले आए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात भी करवाई। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मंजीत सिंह के तेवर नरम पड़ गए हैं।
शनिवार को ही हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने भी पार्टी को टाटा बाय - बाय कर दिया है। उन्होंने आज प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि वह हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि उन्होंने जीतन राम मांझी को पिता तुल्य बताते हुए उन्हे गरीबों के लिए काम करने वाला नेता बताया है। हम पार्टी को छोड़ने के बाद धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने कहा कि बिहार के मौजूदा हालात में बिहार के हक के लिए लड़ते हुए उन्हे सिर्फ एक ही नेता दिखाई दे रहे हैं वह है ' चिराग पासवान '।