पटना: बिहार में नौकरशाही से केवल समाज कल्याण मंत्री ही परेशान नहीं हैं। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी नौकरशाही और अधिकारियों को लेकर परेशान हैं। मदन साहनी के इस्तीफे की घोषणा के बाद जीतन राम मांझी ने भी अपना दर्द बयां किया। बिहार में शराब बंदी को लागू कराने को लेकर भी मांझी ने अधिकारियों पर निशाना साधा।
बिहार मंत्री मदन साहनी के इस्तीफे पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा,' मुझे इसकी (बिहार मंत्री मदन साहनी के इस्तीफे) की जानकारी नहीं है, लेकिन यह सच है कि कई प्रशासनिक अधिकारी (नेताओं की बातों को) तरजीह नहीं देते। मैंने पहले भी विधायकों की संयुक्त बैठक में यह मुद्दा उठाया था|
मांझी ने शराब बंदी ठीक से लागू नहीं हो पाने पर निशाना साधा। मांझी ने कहा, (शराबबंदी के) क्रियान्वयन में कुछ खामियां हैं। गरीब लोगों को जेल भेजा जा रहा है। लेकिन अमीर लोग खुलेआम शराब का सेवन कर रहे हैं। अभी 2 लाख से ज्यादा गरीब लोग जेल में हैं|
इससे पहले गुरुवार की दोपहर ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर बिहार सरकार के समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी ने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। साहनी ने नौकरशाही से नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा देने की बात कही है। मदन साहनी ने कहा कि घर और गाड़ी लेकर क्या करूंगा जब जनता की सेवा ही नहीं कर पा रहा हूं। जब अधिकारी मेरी सुनेंगे ही नहीं तो जनता की सेवा कैसे करूंगा। अगर जनता का काम नहीं कर सकता तो मंत्री बने रहने का कोई मतलब नहीं है। कहा कि कैबिनेट का निर्णय है कि 30 जून तक ट्रांसफर होना है, लेकिन तीन दिनों से अधिकारी फाइल दबाए हुए हैं।