पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने आज यानी गुरुवार को कहा कि,'' मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं, अपने पत्र में मैंने तीन मुद्दों का जिक्र किया था। मेरा पत्र मिलते ही प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर दी| कल हम लोगों की बैठक हुई और बहुत सार्थक बात हुई|
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने अपने पुत्र एवं बिहार सरकार में मंत्री संतोष मांझी के साथ बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात कीथी| अमित शाह के साथ उनकी बैठक करीब 1 घंटे तक चली | जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहे|
बैठक के बाद जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक के दौरान बिहार की मौजूदा सियासत, न्यायपालिका और निजी क्षेत्र में आरक्षण के विषय पर बातचीत हुई है| प्रधानमंत्री मोदी ने इन लोगों को कहा था कि जीतन राम मांझी और उनके बेटे के साथ मीटिंग कर लीजिए|
जीतन राम मांझी ने कहा,'' PM मोदी से मैंने कर्पूरी जी, दशरथ मांझी जी को भारत रत्न की मांग के साथ-साथ न्यायपालिका एवं निजी क्षेत्रों में आरक्षण देने की मांग की थी जिसके आलोक में उन्होंने तीन सदस्यों की शक्तिशाली कमिटी बनाकर मेरे मांगों पर विचार करने की बात कही है।
आज यानी गुरुवार को RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,''गिरी हुई सरकार का गिरना तय है। मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं। मदन साहनी ने ये तक कहा कि मुख्यमंत्री के आसपास जो लोग रहते हैं उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाए, इससे दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है? अब तो नीतीश कुमार को अपनी अंतरआत्मा को जगाना चाहिए|