पटना (बिहार), 21 मई 2025: बिहार के 1 लाख 20 हजार से अधिक शिक्षकों का लंबे समय से चला आ रहा ट्रांसफर का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य के शिक्षा विभाग ने गुरुवार को बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि 27 मई से ट्रांसफर प्रक्रिया की शुरुआत होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे ट्रांसफर और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित तरीके से की जा सकेगी।
क्या है मुख्य बातें?
कुल 1,20,738 शिक्षकों का ट्रांसफर 27 मई से सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में बैठक में ट्रांसफर, बहाली और बीपीएससी-4 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। पहले से जिला आवंटन पा चुके शिक्षकों को सीधे स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। पुरुष और महिला शिक्षकों का भी एक ही जिले के भीतर तबादला किया जाएगा।
स्कूल आवंटन का तरीका
शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया है कि ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल सॉफ्टवेयर के जरिए होगी, जिसमें मेरिट, आवश्यकता और भौगोलिक निकटता को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकतर शिक्षकों को उनके नजदीकी स्कूलों में पोस्टिंग दी जाएगी, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर पहुँचने में कोई परेशानी न हो।
किसे मिलेगा फायदा?
वर्षों से ट्रांसफर की राह देख रहे शिक्षक एक ही जिले में स्थानांतरण की चाह रखने वाले शिक्षक महिला शिक्षिकाएं जिन्हें परिवार या बच्चों की देखभाल के चलते नजदीक की पोस्टिंग की आवश्यकता है
दूसरा चरण जून में
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण की ट्रांसफर प्रक्रिया 10 से 15 जून के बीच होगी। इसमें वे शिक्षक शामिल होंगे जिनका ट्रांसफर पहले चरण में नहीं हो पाया है। इसमें पटना समेत अन्य जिलों के शिक्षक सम्मिलित होंगे।
सरकार की मंशा और लाभ
इस कदम से:
शिक्षकों की पुरानी मांग पूरी होगी। स्कूलों में स्टाफ की कमी को दूर किया जाएगा। ट्रांसफर प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट-बेस्ड होगी।