मुख्य सामग्री पर जाएँ
26 अगस्त 2026

कोरोना को लेकर सभी देश अपनी व्यापारिक अदावत निपटाने की कोशिश में हैं ना कि गरीब मजदूर वर्ग के सहयोग में

कोरोना को लेकर अंतरार्ष्ट्रीय पूंजीवादी विश्व मे जो भयावह हलचल है।सभी सम्पन्नय देश अपनी व्यापारिक अदावत निपटाने की कोशिश में हैं ना कि गरीब मजदूर बर्ग के सहयोग में हैं।वही स्नोडेन ने इसे सम्पन्न भूमण…

कोरोना को लेकर सभी देश अपनी व्यापारिक अदावत निपटाने की कोशिश में हैं ना कि गरीब मजदूर वर्ग के सहयोग में
कोरोना को लेकर सभी देश अपनी व्यापारिक अदावत निपटाने की कोशिश में हैं ना कि गरीब मजदूर वर्ग के सहयोग में | फ़ोटो: TVL News

कोरोना को लेकर अंतरार्ष्ट्रीय पूंजीवादी विश्व मे जो भयावह हलचल है।सभी सम्पन्नय देश अपनी व्यापारिक अदावत निपटाने की कोशिश में हैं ना कि गरीब मजदूर बर्ग के सहयोग में हैं।वही स्नोडेन ने इसे सम्पन्न भूमण्डलीकरण बता दिया क्योंकि भूमण्डलीकरण की बाहक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय शंस्थाये हैं जिनकी बागडोर विकसित पूंजीवादी संसार के हाथ मे है।यदि आधुनिक महामारियों पर गौर करे तो 1850 के इंग्लैंड में औधोगिक क्रांति के बाद क्षय रोग का विस्फोट। 



1890 में विश्व साम्राज्य के बाद प्लेग फैला।इसके बाद 1918-20 में  भारत मे एन्फ्लूएंजा का प्रकोप जिससे भारत मे लगभग 2 करोड़ लोगों की मृत्यु हो गई। एव यूरोप में एक तिहाई आवादी नस्ट हो गयी।।इन तीनो महामारियों का सम्बंध आधुनिक पूंजीवाद एव विषमतामूलक सोच से है,जिसने एक तरफ वंचना,आभव,तो दूसरी तरफ लूट को सार्वभौम बना दिया।उसी प्रकार कोरोना का सम्बंध भूमण्डलीकरण से है।




कोरोना के अलावा तीनो महामारीयो की शुरुआत नीचे से गरीबो मजदूरों से हुई,लेकिन पूंजीवादी वर्ग तब तक महामारी घोषित नही किया जब तक उसकी लपटे खुद तक नही पहुचीं।उदाहरण के लिये टी-बी से विश्व भर में करोड़ो लोग मरते रहे पर अमीरवर्ग बेपरवाह ही रहा क्योकि वह धनबल से खुद स्वस्थ बना रहा।।साधन सम्पन्न उच्च वर्ग तीनो महामारियों से अप्रभावित था क्योंकि शुरुआत  गरीबो से हुई थी।




कोरोना पहली महामारी है जो कि ऊपर के अमीरो,नई विश्व व्यवस्था के ध्वज बाहको के माध्यम से शुरू हुई,जिसका प्रकोप अमीरों से गरीबो में भयंकर रूप से फैल रही है।जिसको तत्काल महामारी घोषित किया गया एव सम्पन्न वर्ग पहली बार इतना चिंतित हैं।नही तो गरीब मजदूर वर्ग केवल दास की ही श्रेणी में समझा गया। 




जिसका ताजा उदाहरण भारत के कर्नाटक में मिला ,जहाँ अमीर बिल्डरों के हित एव दबाव में सरकार ने मजदूरों को दास की तरह रोक दिया,ताकि पूंजीपतियों के नुकसान न हो।कोरोना19 उस औद्योगिक बिकास नीति का अवशोषण किया जो प्रकृति एव पर्यावरण की कीमत पर ताबड़तोड़ बृद्धि के रास्ते पर चला,जो इस बात का साक्ष्य है कि धनी वर्ग इतिहास से कोई सिख नही लिया। जिसमे कभी भी गरीब मजदूर का पर्यावरण बिनाश में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नही रही,किंतु शोषण एव दुख सबसे अधिक भोगता है।





पूँजीवाद ने गरीब एव प्रकृति से युद्ध का जो विचार अपनाया कोरोना उसी का सहज ही परिणाम है।इसलिये स्नोडेन को चेतावनी के रूप में लेना होगा जिसमें विकास की धारा को गरीब मजदूर एव प्रकृति के अनुरूप बनाना चाहिए।जो मनुष्य एव प्रर्यावरण के लिये हितकर हो।इस काम के लिये गांधी एव मार्क्स के सामाजिक न्याय दर्शन को मिला कर सनधृत,समन्वित,संश्लिस्ट,विकास की रणनीति अपनानी चाहिए।इसीलिये मार्क्स ने कहा था कि पूंजीवाद केवल मनुष्य का शोषण नही करता वरन प्रकृति का भी सबसे अधिक शोषण करता है,जिसका दुष्परिणाम प्रकृतिएव गरीब देश,गरीब जनता भोगती है।प्रति उत्तर मे प्रकृति मौन रहकर कोरोना महामारी के रूप में अपनी भयंकरता,जलजला दिखती है।








डॉ सी पी वर्मा  - असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल )

पीएचडी फैज़ाबाद विश्वविद्यायल , नेट/JRF , बीएड/MA शिक्षाशास्त्र/टेट/सुपर टेट

स्वतंत्र विचारक-रचनाकार



tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 5 सितंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।