मुंबई: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल में उनका इलाज करने वाले पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ जलील पारकर ने इस बात की पुष्टि की है। सांस लेने में तकलीफ होने के बाद पिछले बुधवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था| वह एक महीने में दूसरी बार अस्पताल में भर्ती हुए थे| दिलीप कुमार के निधन से फिल्म जगत समेत देशभर में शोक की लहर है|
दिलीप साहब के साथ उनकी पत्नी और अभिनेत्री सायरा बानो उनकी आखिरी सांस तक साथ रहीं। सायरा दिलीप कुमार का खास ख्याल रख रही थीं और फैंस से लगातार दुआ करने की अपील भी कर रही थीं।
98 की उम्र में हर इंसान को कुछ न कुछ तकलीफें होती हैं। उनका इलाज हमने सही तरीके से किया है। उम्र का तकाजा था जिसकी वजह से आज सुबह 7: 30 बजे उनका देहांत हो गया। उनको सांस की तकलीफें थीं। हमने बहुत कोशिश की, हम चाहते थे कि उनके 100 साल पूरे हों: डॉ जलील पारकर,पीडी हिंदुजा अस्पताल
दिलीप कुमार को सांस में तकलीफ के कारण छह जून को भी इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। उस समय उनके फेफड़ों के बाहर तरल पदार्थ एकत्र हो गया, जिसे चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक निकाल दिया था और पांच दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
पिछले साल, दिलीप कुमार ने अपने दो छोटे भाइयों असलम खान (88) और एहसान खान (90) को कोरोना वायरस के कारण खो दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपना जन्मदिन और शादी की सालगिरह भी नहीं मनाई थी।
दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पाकिस्तान में हुआ था और उनका पहला नाम यूसुफ खान था। बाद में उन्हें पर्दे पर दिलीप कुमार के नाम से शोहरत मिली। एक्टर ने अपना नाम एक प्रोड्यूसर के कहने पर बदला था, जिसके बाद उन्हें स्क्रीन पर दिलीप कुमार के नाम से लोग जानने लगे।
दिलीप कुमार की शुरुआती पढ़ाई नासिक में हुई। बाद में उन्होंने फिल्मों में अभिनय का फैसला किया और 1944 में रिलीज हुई फिल्म ज्वार भाटा से डेब्यू किया। शुरुआती फिल्में नहीं चलने के बाद अभिनेत्री नूर जहां के साथ उनकी जोड़ी हिट हो गई। फिल्म जुगनू दिलीप कुमार की पहली हिट फिल्म बनी। दिलीप साहब ने लगातार कई फिल्में हिट दी हैं। उनकी फिल्म मुगल-ए-आजम उस वक्त की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। अगस्त 1960 में रिलीज हुई यह फिल्म उस वक्त की सबसे महंगी लागत में बनने वाली फिल्म थी।
दिलीप कुमार को आठ फिल्मफेयर अर्वाड मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के लिए दिलीप कुमार का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। दिलीप कुमार को साल 1991 में पद्म भूषण और 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 1994 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया। 2000 से 2006 तक वह राज्य सभा के सदस्य भी रहे। 1998 में वह पाकिस्तान के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तियाज से भी सम्मानित किए गए।