नई दिल्ली: आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने आज 5 अगस्त, 2022 को रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट या 0.5% की बढ़ोतरी की है| केंद्रीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया है| आरबीआई ने रेपो दर में लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की है|
मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने आज (5 अगस्त 2022) अपनी बैठक में यह निर्णय लिया है कि,''चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के अंतर्गत नीतिगत रेपो दर को तत्काल प्रभाव से 50 आधार अंक बढ़ाकर 5.40 प्रतिशत कर दिया जाए। परिणामस्वरूप, स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) दर 5.15 प्रतिशत और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 5.65 प्रतिशत हो गई है। एमपीसी की अगली बैठक 28-30 सितंबर 2022 के दौरान निर्धारित है।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत द???स ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था स्वाभाविक रूप से वैश्विक आर्थिक स्थिति से प्रभावित हुई है। हम उच्च मुद्रास्फीति की समस्या से जूझ रहे हैं। हमने वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 3 अगस्त तक 13.3 अरब अमेरिकी डॉलर के बड़े पोर्टफोलियो का प्रवाह देखा है|
आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘‘RBI ने तत्काल प्रभाव से रेपो रेट 50 BPS बढ़ाकर 5.4% कर दिया। 2022-23 के लिए रियल GDP विकास अनुमान 7.2% है जिसमें Q1- 16.2%, Q2- 6.2%, Q3 -4.1% और Q4- 4% व्यापक रूप से संतुलित जोखिमों के साथ होगा।
शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘2023-24 के पहले तिमाही(Q1) में रियल GDP वृद्धि 6.7% अनुमानित है| 2022-23 में मुद्रास्फीति 6.7% रहने का अनुमान है। 2023-24 के पहले तिमाही के लिए CPI मुद्रास्फीति 5% अनुमानित है|