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25 अगस्त 2026

RBI ने निर्देशों का उल्लंघन करने पर कोटक महिंद्रा बैंक पर ठोका ₹3.95 करोड़ का जु़र्माना

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने RBI के निर्देशों का अनुपालन न करने पर कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड पर 3.95 करोड़ रुपये का मौद्रिक जु़र्माना लगाया है। भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 अक्तूबर 202…

RBI ने निर्देशों का उल्लंघन करने पर कोटक महिंद्रा बैंक पर ठोका ₹3.95 करोड़ का जु़र्माना
RBI ने निर्देशों का उल्लंघन करने पर कोटक महिंद्रा बैंक पर ठोका ₹3.95 करोड़ का जु़र्माना | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने RBI के निर्देशों का अनुपालन न करने पर कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड पर 3.95 करोड़ रुपये का मौद्रिक जु़र्माना लगाया है। 



भारतीय रिज़र्व बैंक ने दिनांक 17 अक्तूबर 2023 के आदेश द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (बैंक) पर “बैंकों द्वारा वित्तीय सेवाओं की आउटसोर्सिंग में जोखिम प्रबंधन और आचार संहिता”, “बैंकों द्वारा नियुक्त बसूली एजेंट”, “बैंकों में ग्राहक सेवा”, तथा “ऋण और अग्रिम - सांविधिक और अन्य प्रतिबंध” संबंधी भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशों के अननुपालन के लिए ₹3.95 करोड़ (तीन करोड़ पचानवे लाख रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के अंतर्गत भारतीय रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।



यह कार्रवाई विनियामकीय अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य उक्‍त बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या करार की वैधता पर सवाल करना नहीं है।



31 मार्च 2022 तक बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंक का पर्यवेक्षी मूल्यांकन हेतु सांविधिक निरीक्षण (आईएसई 2022) किया गया। आईएसई 2022 से संबंधित जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट/ निरीक्षण रिपोर्ट के कतिपय टिप्पणियों और उससे संबंधित सभी पत्राचार की जांच से, अन्य बातों के साथ-साथ, बैंक द्वारा उपरोक्त निदेशों के इस सीमा तक अननुपालन का पता चला कि बैंक......


 (i) सेवा प्रदाता की वार्षिक समीक्षा/ समुचित सावधानी में विफल रहा, (ii) यह सुनिश्चित करने में विफल रहा कि ग्राहकों से अपराह्न 7 बजे के बाद और पूर्वाह्न 7 बजे से पहले संपर्क न किया जाए, (iii) संस्वीकृति के नियमों और शर्तों के विपरीत, संवितरण की वास्तविक तिथि के बजाय संवितरण की देय तिथि से ब्याज लगाया, और (iv) बैंक द्वारा वापस लिए गए/ पुरोबंध ऋणों पर ऋण करार में पूर्व भुगतान दंड लगाने के संबंध में कोई प्रावधान न होने के बावजूद पुरोबंध प्रभार लगाया। उक्त के आधार पर, बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उससे यह पूछा गया कि वह कारण बताए कि उक्त निदेशों, जैसा कि उसमें उल्लिखित है, के अनुपालन में विफलता के लिए उस पर दंड क्यों न लगाया जाए।



नोटिस पर बैंक के उत्तर, बैंक द्वारा प्रदान की गई अतिरिक्त जानकारी और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान की गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, भारतीय रिज़र्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि भारतीय रिज़र्व बैंक के उपर्युक्त निदेशों के अननुपालन का आरोप सिद्ध हुआ है और बैंक पर मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 17 अक्टूबर 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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