चंडीगढ़: किसान आंदोलन के समर्थन में अभय चौटाला ने विधायक पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने चंडीगढ़ में विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफ़ा सौंपा। इस्तीफा देने के बाद अभय चौटाला ने केंद्र को ठहराया दिल्ली की हिंसा का जिम्मेदार| उन्होंने कहा,''दिल्ली में ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा केंद्र सरकार की साजिश थी|
किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा पर INLD नेता अभय चौटाला ने कहा कि,''जो किसान नेता आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे उनके खिलाफ केंद्र सरकार ने मुकदमे दर्ज़ किए। कल दिल्ली में जो हुआ वह केंद्र सरकार की साजिश थी|
पंचकूला में राज्य कार्यकारिणी की बैठक लेने के बाद हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके अभय चौटाला अपने कुछ साथियों के साथ ट्रैक्टर चलाकर चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को अपना वही इस्तीफा सौंपा जो उन्होंने पहले ई-मेल से और बाद में अपने समर्थकों के जरिये भिजवाया था। अभय चौटाला ने ऐलान किया था कि 26 जनवरी तक यदि तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तो 27 जनवरी को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए। अपना इस्तीफा स्पीकर को सौंपने अभय खुद विधानसभा पहुंचे। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
11 जनवरी को इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा था,''चौधरी देवीलाल अपने वादों को पूरा करते थे और यहां तक कि वीपी सिंह के लिए भी पीएम पद छोड़ दिया था। मैंने अब तक 30-32 गांवों के लोगों से बात की है। उनका विचार है कि मुझे पद छोड़ देना चाहिए। अगर 26 जनवरी तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो मेरा इस्तीफा 27 तारीख को स्वीकार कर लिया जाएगा|
चौटाला ने कहा था,''चौधरी देवी लाल जी ने हमेशा किसानों के लिए संघर्ष किया, आज वही परिस्थितियां देश-प्रदेश में फिर से खड़ी हो गई हैं। किसानों पर आए इस संकट की घड़ी में उनका यह दायित्व बनता है कि वे हर संभव प्रयास करें ताकि किसानों के भविष्य और अस्तित्व पर आए खतरे को टाला जा सके।