नई दिल्ली: किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने आंदोलन से नाम वापस ले लिया है और साथ ही राकेश टिकैत व अन्य किसान नेताओं पर कई आरोप लगाए हैं। फिलहाल किसान आंदोलन से अलग होने के अपने बयान पर वीएम सिंह ने कहा कि,''यह वीएम सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के सभी पदाधिकारियों का निर्णय है न कि AIKSCC (अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति) का|
गाजीपुर बॉर्डर से वीएम सिंह ने कहा कि,'मैं किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध नहीं कर सकता, जिसकी दिशा अलग है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह औ??? राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन विरोध से पीछे हट रहे हैं| मुझे उस विरोध से कोई लेना-देना नहीं है जिसका नेतृत्व उनके द्वारा किया जा रहा है और यहाँ उनकी ओर से राकेश टिकैत द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा रहा है|
वीएम सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने भड़काया उन पर सख्त कार्रवाई हो। वीएम सिंह ने कहा कि, सरकार की भी गलती है जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी तो सरकार क्या कर रही थी।
किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वी.एम. सिंह ने आगे कहा कि,'हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं... ITO में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए| उन्होंने राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकैत अलग रास्ते से जाना चाहते थे।
किसान आंदोलन से अलग होने के अपने बयान पर वीएम सिंह ने स्पष्टीकरण भी दिया है कि आंदोलन से अलग होने का निर्णय राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और उसके सभी पदाधिकारियोंं का है न कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का है।
भारतीय किसान यूनियन का भानु गुट भी किसान आंदोलन से अलग हो गया है। संगठन के मुखिया भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जो आरोपी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने चिल्ला बॉर्डर से धरना खत्म करने का एलान किया है। हालांकि भाकियू के भानु गुट को संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले ही अपने आंदोलन से अलग कर दिया था क्योंकि इसने शुरुआत में ही सरकार के मंत्रियों से मिलने के बाद आंदोलन खत्म करने की बात कही थी। हालांकि आम किसानों की भावनाओं को देखते हुए आंदोलन जारी रहा था।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि,''मैं कल की घटना से इतना दुखी हूं कि इस समय मैं चिल्ला बॉर्डर से घोषणा करता हूं कि पिछले 58 दिनों से भारतीय किसान यूनियन (भानु) का जो धरना चल रहा था उसे खत्म करता हूं|