● ‘गर्मी फुल-बिजली गुल’ फिर हरियाणा की बिजली गुजरात भेजने का घालमेल क्यों?
●खट्टर सरकार व प्राईवेट बिजली उत्पादकों की सांठगांठ से हरियाणा में ’भीषण बिजली संकट’?
● खट्टर सरकार ने अडानी समूह के आगे घुटने क्यों टेके, कार्रवाई क्यों नहीं?
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''पूरे हरियाणा में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मची है। गांव हो या शहर – 12 से 20 घंटे तक का बिजली कट लग रहा है। एक तरफ गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, तो दूसरी तरफ खट्टर सरकार ने मिलीभगत व सांठगांठ से हरियाणवियों के अधिकारों पर डाका डाला है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''हरियाणा के लोग खट्टर सरकार की मिलीभगत व सांठगांठ की मार भुगत रहे हैं, क्योंकि :
● खट्टर सरकार अडानी पॉवर, मुंद्रा, गुजरात से मिलने वाली 1424 मेगावॉट बिजली का एक यूनिट बिजली भी नहीं ले रही।
● उल्टा खट्टर सरकार अडानी पॉवर, गुजरात को लगभग 114 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन दे रही है। प्रथम दृष्टि से यह भी लगता है कि इस बिजली के एवज में एक फूटी कौड़ी का भुगतान भी हरियाणा सरकार को नहीं किया जा रहा।
● हरियाणा के सरकारी खजाने को चूना लगाकर खट्टर सरकार दूसरी प्राईवेट कंपनियों से ₹5.75 प्रति यूनिट पर बिजली खरीद रही है।
तथ्यः
(i) 07 अगस्त, 2008 - हरियाणा की बिजली कंपनियों ने अडानी पॉवर से 25 साल के लिए 1424 मेगावॉट बिजली ₹2.94/KWh सप्लाई करने के लिए "बिजली खरीद समझौता" (PPA) किया। इसके तहत अडानी पॉवर के मुंद्रा, गुजरात स्थित बिजलीघर से महेंद्रगढ़, हरियाणा तक बिजली की लाईन बिछाई गई।
(ii) साल 2021 से आज तक – सुप्रीम कोर्ट में केस हारने के बावजूद अडानी पॉवर ने इंडोनेशिया के कोयले की बढ़ी हुई कीमतों को कारण बताकर हरियाणा को दी जाने वाली 1424 मेगावॉट की सप्लाई रोक रखी
(iii) अडानी पॉवर को 1424 मेगावॉट बिजली देने के लिए बाध्य करने की बजाय खट्टर सरकार ने तीन साल के लिए (15.04.2022 से 14.04.2025) एमबी पॉवर, मध्य प्रदेश व आरकेएम पॉवर, छत्तीसगढ़ से ₹5.70 व ₹5.75 प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने का निर्णय लिया है।
iv) नार्दर्न रीज़नल लोड डिस्पैच सेंटर (Northern Regional Load Dispatch Center- NRLDC) के मुताबिक मुंद्रा (गुजरात) – महेंद्रगढ़ (हरियाणा) की बिजली सप्लाई लाईन में मुंद्रा (गुजरात) से महेंद्रगढ़ (हरियाणा) बिजली आने की बजाय उल्टी बिजली, मुंद्रा (गुजरात) भेजी जा रही है। यह NRLDC की प्रतिदिन की रिपोर्ट से साफ है। NRLDC की 9 अप्रैल से 29 अप्रैल 2022 तक की रिपोर्ट संलग्नक A1 से A21 संलग्न है। इन सब रिपोर्ट्स के कॉलम 4(A), नॉर्थ ईस्ट रीज़न, सीरियल नं. 18 से साफ है कि हर रोज 114 लाख यूनिट तक हरियाणा की बिजली उल्टा मुंद्रा, गुजरात को जा रही है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''9 अप्रैल, 2022 से 29 अप्रैल, 2022 के बीच हरियाणा से मुंद्रा, गुजरात 2356.30 लाख यूनिट भेज दी गई| उन्होंने कहा,' हमने "वेस्टर्न रीज़नल लोड डिस्पैच सेंटर" (Western Regional Load Dispatch Center - WRLDC) से मिलान किया। 29 अप्रैल, 2022 की WRLDC की रिपोर्ट है। इसके हेडिंग 4(A) के सीरियल नं. 19 से साफ है कि उस दिन मुंद्रा में 11.49MU या 114.90 लाख यूनिट बिजली का आयात हुआ। यह रिपोर्ट NRLDC की 29 अप्रैल, 2022 (Annexure A21) की रिपोर्ट से मेल खाती है, जो महेंद्रगढ़ से मुंद्रा तक 11.49MU (114.90 लाख यूनिट) बिजली का निर्यात दिखाती है।
( v) 24 अप्रैल व 29 अप्रैल, 2022 – ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन ने भी देश के बिजली मंत्री को प्रधानमंत्री को, मुख्यमंत्री - हरियाणा व गुजरात को, बाकायदा पत्र लिखकर अडानी पॉवर द्वारा हरियाणा को 25 साल के PPA के मुताबिक ₹2.94 पर 1424 मेगावॉट बिजली न देने तथा उल्टा हरियाणा के हिस्से की बिजली महेंद्रगढ़ से मुंद्रा ले जाने बारे साफ तौर से चेताया है। 24 अप्रैल व 29 अप्रैल की इन दोनों दरख्वास्तों की कॉपी भी संलग्नक A23 व A24 संलग्न हैं। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
खट्टर सरकार से पाँच सवाल:
1. क्या हरियाणा के भयंकर बिजली संकट के बावजूद हरियाणा की 2356.30 लाख यूनिट बिजली महेंद्रगढ़ से मुंद्रा, गुजरात भेजी गई? क्या इस बिजली के एवज में हरियाणा सरकार को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली?
2. क्या हरियाणा में बिजली गुल होने का कारण हरियाणा की बिजली गुजरात को सप्लाई करना है, क्योंकि गुजरात में चुनाव होने वाले हैं?
3. क्या कारण है कि 25 साल के 1424 मेगावॉट बिजली सप्लाई करने के PPA के बावजूद अडानी पॉवर हरियाणा को बिजली नहीं दे रहा?
4. क्या कारण है कि खट्टर सरकार न तो अडानी पॉवर से 1424 मेगावॉट बिजली सप्लाई करने के PPA को लागू कर रही और न ही बिजली ले रही?
5. क्या कारण है कि खट्टर सरकार ₹2.94 प्रति यूनिट की सस्ती बिजली की बजाय 15.75 की महंगी
बिजली खरीद रही है और सरकारी खजाने को चूना लगा रही है?