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17 सितंबर 2026

किसान ने कहा- हमर सरकार हमरे मन कस सोचथे, तो बोले CM बघेल- तुहंर मन के सरकार हे तुहंरेच मन बर सोचही

रायपुर: गरियाबंद के उद्यानिकी कृषक उद्धवराम का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना बहुत अच्छी है, इससे वे बड़े प्रभावित हैं। इस योजना से उन्हें पहली बार…

किसान ने कहा- हमर सरकार हमरे मन कस सोचथे, तो बोले CM बघेल- तुहंर मन के सरकार हे तुहंरेच मन बर सोचही
किसान ने कहा- हमर सरकार हमरे मन कस सोचथे, तो बोले CM बघेल- तुहंर मन के सरकार हे तुहंरेच मन बर सोचही | फ़ोटो: TVL News

रायपुर: गरियाबंद के उद्यानिकी कृषक उद्धवराम का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना बहुत अच्छी है, इससे वे बड़े प्रभावित हैं। इस योजना से उन्हें पहली बार ऐसा लगा कि अब सरकार भी किसानों की तरह सोच रही है। पहले योजनाएं उपर से बन कर आती थी। अब योजनाएं नीचे से बनकर आ रही है। यह बात उन्हें बहुत अच्छी लगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज कबीरधाम और गरियाबंद जिले में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान जब योजनाओं के हितग्राहियों से फीडबैक ले रहे थे, तब श्री उद्धवराम ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान यह बात कही।



उद्यानिकी कृषक श्री उद्धवराम ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना को जानकर बड़ा अच्छा लगा, मन गदगद हो गया। उन्होंने बताया कि वे अपने एक एकड़ भूमि में जंगलों में जो पौधे मिलते हैं जैसे- चार, तेन्दू, हर्रा, बहेड़ा आदि के पौधे लगाने की सोच रहे हैं। एक एकड़ में 10-10 मीटर की दूरी पर पौधे लगाने की योजना है। हमारी सरकार भी हमारे जैसी सोचती है। अब सरकार किसानों के हिसाब से योजनाएं बना रही है। पहले योजनाएं उपर से बन कर आती थी। अब योजनाएं नीचे से बनकर आ रही है। ये बात मुझे बहुत अच्छी लगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तुहंर मन के सरकार हे तुहंरेच मन बर सोचही।



   उद्यानिकी कृषक श्री उद्धवराम ने बताया कि उनके परिवार के बड़े बुजुर्ग पहले धान की खेती करते थे, लेकिन धान की खेती में ज्यादा फायदा नहीं होने के कारण वे अब उद्यानिकी फसलों केला, मिर्ची, भाटा आदि की खेती करते हैं। उद्यानिकी फसलों से उन्हें अच्छी आमदनी मिल रही है तथा बागवानी मिशन के अंतर्गत उन्हें सभी प्रकार के लाभ मिल रहे हैं। 



उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर में केले की फसल ली थी, जिसमें उन्होंने उद्यानिकी विभाग द्वारा 56 हजार रूपए की सब्सिडी मिली। इस राशि से उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम लगवाया है। ड्रिप इरिगेशन सिस्टम में भी उन्हें 31 हजार रूपए की छूट मिली है। केला, भाटा, मिर्ची की फसल के लिए मल्चिंग पेपर का उपयोग करते हैं, इससे खेती की लागत बढ़ जाती है, लेकिन निदाई, कोड़ाई की मेहनत बच जाती है। मल्चिंग पेपर के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा एक हेक्टेयर में 16 हजार रूपए की सहायता दी जा रही है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य सहयोग मिल रहा है।




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यह रिपोर्ट 10 जून 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 8 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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