Uttarakhand Assembly Secretariat Secruitment Row: उत्तराखंड विधानसभा में हुई भर्ती सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इन नियुक्तियों में मंत्रियों के चहेते और भाई भतीजावाद का पूरा ख्याल रखा गया है। जिसको लेकर जहां कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। इस बीच, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी ने विधानसभा भर्तियों में घोटाले के मामले में तीन सदस्य विशेषज्ञों की कमेटी गठित की है।
साथ ही सचिव मुकेश सिंघल का ऑफिस विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी डीके कोटिया को अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंह रावत और अवनींद्र सिंह को सदस्य शामिल किया गया। विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को जांच तक लंबी छुट्टी पर भेजा गया है, लेकिन उन्हें जांच समिति को सहयोग करने के लिए वह उपस्थित रहेंगे।
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी ने कहा,'' मैं अनियमितता (विधानसभा में सचिवालय भर्ती प्रक्रिया में) बर्दाश्त नहीं करूंगी। आज 2 फैसले लिए गए हैं। विशेष समिति का गठन किया है जो 1 महीने में जांच रिपोर्ट सौंपेगी। दूसरा मौजूदा विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल 1 महीने छुट्टी पर रहेंगे| उन्हें जांच के लिए निर्देश मिलने पर विशेष समिति के सामने पेश होना होगा। जल्द से जल्द सदन की गरिमा को बहाल किया जाएगा|
भटकाने की कोशिश: कांग्रेस
वहीं विधानसभा भर्ती घोटाले को लेकर पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह मामले से भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे कमेटी पर भरोसा नहीं है। उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूडी पूर्व सीएम भुवन चंद खंडूडी की बेटी है। जिनकी छवि एक बहुत ही ईमानदार व्यक्ति के रूप में देखी जाती है। मैं उम्मीद करता हूं कि विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भी अपने पिता की तरह ईमानदारी से इस जांच को कराएंगी।
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी ने कहा, "विधानसभा में हुई यह भर्तियां निरस्त होनी चाहिए| पारदर्शी तरीके से आयोग के जरिए भर्तियां करवानी चाहिए| आज सवाल लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ ही उत्तराखंड राज्य की साफ-सुथरी छवि का भी है| उन्होंने कहा कि इससे राज्य भी शर्मसार हुआ है|
उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर हुए भर्ती घोटालों ने होनहार युवाओं को निराश किया
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा,;'उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर हुए भर्ती घोटालों ने होनहार युवाओं को निराश किया है। एक तरफ, राज्य के अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार सामने आया है। दूसरी ओर, विधानसभा में हुई भर्तियों में भी भारी भ्रष्टाचार और घोटाला सामने आया है जिसके तहत नेताओं के रिश्तेदारों और संबंधियों को बड़ी संख्या में पद बांटे गए।
इन घोटालों की जांच में नेता, पुलिसकर्मी, सचिवालय के कर्मचारी, आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी, कुछ युवा, कोर्ट के कर्मचारी और कोचिंग सेंटर से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड में भर्ती घोटालों का कितना विशाल रैकेट चल रहा है।
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प्रियंका गांधी ने कहा,'इतने बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार ने एक बार फिर साबित किया है कि चाहे उत्तराखंड हो या उत्तर प्रदेश, भाजपा की सरकारें देश भर के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं। लगातार हो रहे इन घोटालों ने हमारे योग्य और शिक्षित युवाओं को न सिर्फ निराश किया है, बल्कि उनके भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।
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