नई दिल्ली: अंतिम वर्ष के छात्रों का भविष्य बचाने के लिए, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माननीय प्रधानमंत्री जी को व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार के विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं को रद्द करने के लिए पत्र लिखा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि हमारे युवाओं के लिए, मैं प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य केंद्रीय सरकार के विश्वविद्यालयों की आखिरी सेमेस्टर की परीक्षाओं को रद्द करने और हमारे युवाओं के भविष्य को बचाने का आग्रह करता हूं|
इससे पहले दिल्ली उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि,केजरीवाल सरकार ने अपने विश्वविद्यालयों के लिए परीक्षा रद्द कर दी है|उन्होने कहा,''सभी युनिवर्सिटीज़ को फाइनल एग्ज़ाम कैंसल कर छात्रों के इवैल्युएशन का कोई पैमाना तैयार कर डिग्री जल्द से जल्द देने के लिए कहा गया है। कोरोना की वजह से एग्ज़ाम लेना और डिग्री न देना अन्याय होगा। ये निर्णय स्टेट युनिवर्सिटीज़ के लिए लिया गया है|
मनीष सिसोदिया ने कहा कि, दिल्ली के अंदर आने वाली सभी सेंट्रल युनिवर्सिटीज़ के लिए केंद्र को निर्णय लेना है। इसके लिए दिल्ली मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख निवेदन किया है कि दिल्ली सरकार जैसा फैसला देश की दूसरी सेंट्रल युनिवर्सिटीज़ के लिए भी लिया जाए| उन्होने कहा,अन्य सेमेस्टर के छात्रों को बिना परीक्षा लिए प्रमोट किया गया है, उसी तरह आखिरी सेमेस्टर के छात्रों को भी प्रोमोट करके डिग्री मिलनी ही चाहिए। एक जैसी परिस्थितियां होने पर हम आखिरी सेमेस्टर के छात्रों के साथ भेदभाव नहीं कर सकते |
मनीष सिसोदिया ने कहा कि, दिल्ली राज्य के जितने भी विश्वविद्यालय है उनकी आगामी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी और सभी बच्चो को अगले सेमेस्टर में प्रोमोट कर दिया जाएगा| उन्होने कहा,'जब कोरोना महामारी में कोई कक्षा नही ली जा रही है, कोई उचित ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली नहीं है। तब उन छात्रों की परीक्षा लेना अनुचित है जो कोरोना महामारी में पहले से ही काफी तनाव में हैं।-