नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए बिहार के सिवान से सत्य देव मांझी नामक व्यक्ति ने साइकिल पर 1,100 किलोमीटर का सफर तय किया। उन्होंने बताया,"मैं चाहता हूं कि मोदी सरकार जल्द से जल्द तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करे। जब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा मैं यहीं रहूंगा।"
कृषि कानूनों के खिलाफ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 22वां दिन है। इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है। किसानों का कहना है कि चाहे ठंड पड़े या बारिश जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी हम वापस नहीं जाएंगे। सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बढ़ती ठंड से बचने के लिए गैस हीटर लगाए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, 'लोग लकड़ी जलाकर अपना काम चला रहे हैं। किसान नेताओं ने कुछ हीटर मंगाए हैं लेकिन ये गैस से चलते हैं, इनमें खर्चा है।'
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि दो कदम सरकार पीछे हटे और दो कदम किसान पीछे हटे ताकि दोनों के बीच बातचीत का एक नया प्लेटफार्म तैयार हो और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकले। उन्होंने कहा कि बातचीत में बुजुर्ग नेताओं को रखा जाए जैसे राजनाथ सिंह, अजीत सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लालकृष्ण आडवाणी आदि। उन्होंने कहा कि आज रात वह सिंघु बॉर्डर पर डटे किसानों से भी बातचीत करेंगे और उनसे शीघ्र फैसला करने का माहौल बनाने का अनुरोध करेंगे।