नई दिल्ली: ऑटो ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेजिडेंट किशन वर्मा ने कहा कि,'' वो ड्राइवर जो मनोवैज्ञानिक स्तर पर परेशान है, वो बच्चो को लेकर जाएगा, तो क्या वो बच्चे सुरक्षित होंगे? आज हमारे मनोवैज्ञानिक स्तर पर क्या असर पड़ा है, किसी ने सोचा है? मरने के लिए छोड़ दिया गया दिल्ली में, सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर रही है सरकारें। एक बार जाकर माफ किया, ऐसे मदद करेंगे, वैसे करेंगे, हम बेरोजगार नहीं हैं? क्या 23 महीने जो आदमी घर बैठा रहा, आज घर के बर्तन तक बेच-बेच कर हम गुजारा कर रहे हैं, किराए के ऊपर जो लोग मकानों में रहते हैं, उनको भगा दिया गया।
ऑटो ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेजिडेंट किशन वर्मा ने कहा कि,''दिल्ली छोड़कर स्कूल की लाइनों से लोग जाने लग रहे हैं। क्या हम बेरोजगार नहीं हैं, जो बेरोजगारी का ढोंग किया जा रहा है, कि हम बेरोजगारों को 5,000 रुपए भत्ता देंगे, किसको दिया, हमें दिया? आज तक भी ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने एक बार भी यहाँ तक कि एरिया के एमएलए तक के पास भी समय नहीं है। एमएलए को लिखा हुआ, ये हमारी समस्या चल रही है, हर कोई ये कहता है समस्या आपकी जेनुअन है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑटो, टैक्सी, कैब और ग्रामीण सेवा के वाहनों के चालकों के साथ धोखा किया है क्योंकि कोरोना महामारी के समय भी इनसे फिजूल के कर और जुर्माने वसूले जा रहे हैं। कांग्रेस के प्रकोष्ठ ‘असंगठित कामगार व कर्मचारी कांग्रेस’ के प्रमुख उदित राज ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन चालकों को कोविड के समय जो राहत मिलनी चाहिए थी वो नहीं मिली। पार्किंग को लेकर बेवजह जुर्माना वसूला गया और फिटनेस के नाम पर भी पैसा लिया गया। दिल्ली की कैब अगर गुरुग्राम और नोएडा जाती है, तो आने-जाने पर चालक 100 रुपये का कर देना पड़ता है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केजरीवाल ने इन चालकों के साथ धोखा किया है।’’उदित राज ने सवाल किया, ‘‘केजरीवाल पंजाब और गोवा में कहते हैं कि टैक्सी बोर्ड बनाएंगे। क्या दिल्ली में टैक्सी बोर्ड बना? लुधियाना में जाकर ऑटो वालों से कहते हैं कि दिल्ली में ऑटो वालों के लिए बहुत कुछ किया। क्या किया है?’’ उन्होंने मांग की कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को ऑटो और टैक्सी चालकों राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए और बेवजह के कर और जुर्माना वसूलाना बंद करना चाहिए।