नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इन-सीटू स्लम पुनर्वास' परियोजना के तहत झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए कालकाजी में बनाए गए 3024 नवनिर्मित EWS फ्लैटों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'लाभार्थियों को घरों की चाबी सौंपी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे।
PM मोदी ने कहा कि, “आज दिल्ली के सैंकड़ों परिवारों, गरीब भाई बहनों के लिए बड़ा दिन है। बरसों से जो परिवार जो दिल्ली की झग्गी में रह रहे थे उनके लिए एक तरह से जीवन की नई शुरूआत हो रही है। दिल्ली के गरीब परिवारों को पक्का घर देने का जो अभियान शुरू हुआ है वह हजारों गरीब परिवारों के सपने पूरा करेगा|
प्रधानमंत्री ने कहा कि, “शहरों के विकास के लिए जिन गरीबों का खून-पसीना लगता है उसी शहर में वह बदहाली का जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। जब निर्माण कार्य करने वाला ही पीछे रह जाता है तो निर्माण भी अधूरा रह जाता है। इसलिए बीते 7 दशकों में हमारे शहर समग्र विकास से वंचित रहे जाते हैं| एक ओर शहर के कुछ इलाकों को 'पॉश' कहा जाता है तो दूसरी ओर कई इलाकों में लोग जीवन की मौलिक ज़रूरतों के लिए तरसते हैं। जब एक ही शहर में इतनी असमानता, भेदभाव हो तो समग्र विकास की कल्पना कैसे की जा सकती है? आज़ादी के अमृतकाल में इसको पाटना होगा|
PM मोदी ने कहा कि, “दशकों तक देश में जो व्यवस्था रही, उसमें ये सोच बन गई थी कि गरीबी केवल गरीब की समस्या है। लेकिन आज देश में जो सरकार है, वो गरीब की सरकार है इसलिए वो गरीब को अपने हाल पर नहीं छोड़ सकती, और इसलिए, आज देश की नीतियों के केंद्र में गरीब है। आज देश के निर्णयों के केंद्र में गरीब है। विशेषकर शहर में रहने वाले गरीब भाई-बहनों पर भी हमारी सरकार उतना ही ध्यान दे रही है।
मोदी ने कहा कि, “दिल्ली में एक और विषय दशकों पहले बनी हुईं अनाधिकृत कॉलोनियों का भी रहा है। इन कॉलोनियों में हमारे लाखों भाई-बहन रहते हैं। उनका पूरा-पूरा जीवन इसी चिंता में निकल रहा था कि उनके घरों का होगा क्या? दिल्ली के लोगों की इस चिंता को कम करने का काम भी केंद्र सरकार ने किया। पीएम-उदय योजना के माध्यम से दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में बने घरों को नियमित करने का काम चल रहा है। अब तक हजारों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। केंद्र सरकार ने दिल्ली के मध्यम वर्ग को भी उनके घर का सपना पूरा करने में बहुत मदद दी है। दिल्ली के निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोग अपना घर बना पाएं इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से ब्याज में सब्सिडी दी गई है। इस पर भी केंद्र सरकार की तरफ से 700 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शीला दीक्षित जी ने शिलान्यास किया था
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा ने कहा कि, “आज पीएम मोदी कालका जी में बने जिन फ्लैट्स का फीता काटकर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रहे हैं, सच्चाई यह है कि ये सारा काम कांग्रेस ने किया है। इसका फाउंडेशन स्टोन 2013 में रखा गया था" |
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सप्रिया श्रीनेत ने कहा, “अखबार में दिए विज्ञापन के अनुसार कालका जी में 3024 नए फ्लैट्स का उद्घाटन होने जा रहा है। ये 3024 वो फ्लैट हैं जो In Situ Scheme के तहत बनाए गए हैं, जिनका शिलान्यास 18 सितंबर 2013 को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्रीमती शीला दीक्षित जी ने किया था|
श्रीनेत ने कहा, “इस योजना के तहत कुल 8064 घर बनने थे। इसके फेज-1 में 3024 घर बनने थे जो 2013 में शुरू होता और 2016 में ख़त्म हो जाता। जो फेज-1, 2013 में ख़त्म होने वाला था वह 2022 में ख़त्म हो रहा है। इसकी कुल लागत ₹206 करोड़ थी जो अब ₹345 करोड़ में बना है|
सप्रिया श्रीनेत ने कहा, “जब से DDA का फाउंडेशन हुआ है तभी से दिल्ली के 3 विधायक व 2 कॉर्पोरेशन के सदस्य उसके मेंबर रहे हैं। यानी DDA में आम आदमी पार्टी के विधायक भी शामिल थे। लेकिन क्या आपने एक बार भी इस देरी के लिए उनके मुंह से कोई शब्द सुना है? |
इस प्रोजेक्ट में फेज-2 को 2019 व फेज-3 को 2020 तक बनकर तैयार हो जाना था। लेकिन फेज-2 का निर्माण अभी तक शुरू भी नहीं हुआ है। यह स्कीम जिसकी नींव कांग्रेस के हमारे साथियों ने रखी थी, उसमें 6 साल की देरी और 68% लागत बढ़ने के बाद एक-तिहाई घर बने हैं | कुल ₹206 करोड़ की लागत से बनने वाले इन घरों में आंगनवाड़ी, हेल्थ सेंटर, स्कूल, गार्डन व कम्युनिटी सेंटर आदि बनने थे। अभी सिर्फ खोखले घर बनकर तैयार हैं|
कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा ने कहा कि, “इस स्कीम को शुरू करने में मुझे 4 साल लग गए थे, जिसमें मैंने अलग-अलग संस्थानों से क्लीयरेंस लिया था। मुझे सोनिया जी ने कहा था कि कुछ ऐसा करो जिससे गरीबों को लगे कि उनका कोई प्रतिनिधि DDA में गया है। यह काम उनके आशीर्वाद से ही संभव हो पाया था| DDA में सिर्फ कांग्रेस की वजह से इस प्रोजेक्ट को बनवा पाना संभव हुआ। लोगों का यह जानना जरूरी है कि यह स्कीम किसकी है। यह स्कीम कांग्रेस एवं श्रीमती सोनिया गांधी जी का 'ब्रेन चाइल्ड' है| यह अपने आप में पहली स्कीम थी जिसे घर की महिला व पुरुष, दोनों के जॉइंट नाम पर अलॉट किया जाएगा|
कांग्रेस नेता अनिल भारद्वाज ने कहा कि, “दिल्ली में आज 45 री-सेटलमेंट कॉलोनियां हैं, जिनमें लाखों लोग स्वाभिमान के साथ जी रहे हैं, यह कांग्रेस की ही देन थी। इसके लिए कांग्रेस ने कभी मेंटेनेंस चार्ज की बात नहीं की। लेकिन आज उनसे मेंटेनेंस चार्ज मांगा जा रहा है जो सरकार से छत की उम्मीद रखते हैं| गरीबों को न्याय दिलाना, हमेशा से ही कांग्रेस का उद्देश्य रहा है। सरकारों को भी गरीबों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनकी ज़रूरतों को समझते हुए, उन पर काम करना चाहिए |