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24 अगस्त 2026

गौठान की छोटी सी मुर्गीपालन यूनिट से “एक साल” में 12 हजार चूजों के बड़े 'पोल्ट्री फार्म' तक का सफर

●अमर स्वसहायता समूह ने थनौद में आजीविकामूलक गतिविधियों को लेकर किया बड़ा काम●तीन महीनों में 4 लाख रुपए की आय की उम्मीद● अभी इसी स्केल में काम रहा तो हर साल 16 लाख रुपए की आय तयदुर्ग/रायपुर: हजार मील ल…

गौठान की छोटी सी मुर्गीपालन यूनिट से “एक साल” में 12 हजार चूजों के बड़े 'पोल्ट्री फार्म' तक का सफर
गौठान की छोटी सी मुर्गीपालन यूनिट से “एक साल” में 12 हजार चूजों के बड़े 'पोल्ट्री फार्म' तक का सफर | फ़ोटो: TVL News

●अमर स्वसहायता समूह ने थनौद में आजीविकामूलक गतिविधियों को लेकर किया बड़ा काम

●तीन महीनों में 4 लाख रुपए की आय की उम्मीद

● अभी इसी स्केल में काम रहा तो हर साल 16 लाख रुपए की आय तय

दुर्ग/रायपुर:  हजार मील लंबे सफर की शुरूआत एक छोटे से कदम से होती है। यह कथन सार्थक किया है थनौद की अमर स्वसहायता समूह की महिलाओं ने। शासन के प्रोत्साहन से उन्होंने हिचकते हुए 400 चूजों को लेकर मुर्गीपालन की एक यूनिट गौठान में शुरू की थी। सफलता मिलने पर उन्होंने हैचरी डाल ली। इससे और लाभ हुआ और अब उन्होंने 12 हजार चूजों की बड़ी यूनिट शुरू कर दी है। एक चूजे की कीमत 5 रुपए होती है। इसे बड़ाकर बेचेंगे और इसका लाभ लगभग 30 से 40 रुपए होगा। 90 दिनों में चूजे बिकने योग्य हो जाते हैं और उम्मीद है कि इन तीन महीनों में 4 लाख रुपए की आय स्वसहायता समूह की महिलाओं की होगी। लगभग  साल भर में 16 लाख रुपए की आय इन्हें होने की उम्मीद है। 



इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ाने की मंशा है। इस संबंध में कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर सभी गौठानों में  आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने कार्य किया जा रहा है। जिन गौठानों में यह कार्य सफलतापूर्वक हो रहा है वहां इन्हें अपग्रेड करने की दिशा में कार्य हो रहा है। थनौद यूनिट को सहायता करने पर बहुत अच्छा रिस्पांस मिला।



 इन महिलाओं के उद्यम को प्रोत्साहित किया गया और आगे भी कार्य करने के लिए कहा गया। परिणाम बहुत अच्छे आये हैं और केवल 8 सदस्यों वाले इस समूह का आर्थिक लाभ तेजी से बढ़ गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हुए समूह की अध्यक्ष पूर्णिमा धनगर ने बताया कि हम सब बहुत खुश हैं। पहले तो हम लोगों ने हिचकते हुए काम शुरू किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों का बहुत सहयोग मिला। लगातार तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहा और आज हम इतने बड़े शेड में कार्य कर पा रहे हैं। बहुत अच्छा लग रहा है।



 इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी मोहित कामले ने बताया कि तकनीकी मार्गदर्शन से महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं। हम मुर्गीपालन के लिए जरूरी तमाम सावधानी उन्हें बता रहे हैं। इसका उपयोग करने से चूजों को सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है।



54 गौठानों में चल रहा मुर्गीपालन

इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. डी.वी. राठिया, उपसंचालक पशु चिकित्सक सेवाएं ने बताया कि जिले के 54 गौठानों में मुर्गीपालन का कार्य हो रहा है। गौठानों के मुर्गीपालन यूनिट को तेजी से अपग्रेड किया जा रहा है। गौठानों में हैचरी यूनिट भी आरंभ कर दी गई है। थनौद में जिस लेवल का काम हुआ है उससे स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने अपने आपको बड़े फार्म यूनिटों की बराबरी में खड़ा कर दिया है और अभी तो ये शुरूआत ही है।





tvlnews

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यह रिपोर्ट 7 जुलाई 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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