महेवा ब्लाक के मेहदीपुरा गांव में हरवीर पाल का 11 बर्षीय पुत्र को बिजली करेंट लगा जिसे उसके परिजन तत्काल बेहतर इलाज के लिए महेवा सीएचसी ले आये जहां पर प्राथमिक उपचार की तथाकथित डॉक्टरों से गुहार लगाई लेकिन तथाकथित डॉक्टर अपने साथियों के साथ चाय पार्टी करते रहे,,,, ,,
तथाकथित शब्द का प्रयोग इस लिए तीमारदारों द्वारा किया गया क्योंकि तथाकथित डॉक्टरों के पास न ही कोई सफेद कोट दिख रहा है और न ही आला.... कैसे पहचाने डाक्टर सहाब को,,,,
सरकारी ऑफिस में बैठ सरकारी सैलरी का आनंद ले रहे डॉक्टर राघव गुप्ता को ये धर्म भी ज्ञात नहीं की आपको इमरजेंसी में किस तरीके से मरीजों से पेश आना चाहिए.........
वहीं जब एक स्थानीय पत्रकार ने इस बात को लेकर डॉक्टर से उनको ड्यूटी धर्म निभाने की बात कहनी चाही तो डॉक्टर एक गुंडे के रूप में आ गए जहां उन्होंने कह दिया "आप कौन है.....आप क्या डॉन है कहीं के" क्या यह शब्द डाक्टर को शोभा देते है,,,,
वहीं मरीजों व तीमारदारों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि डाक्टरों द्वारा न तो अशभ तरीके से बात की जाती है पर्च में दवाई लिखवाने के लिऐ चक्कर लगवाये जाते है तथा डाक्टरों द्वारा बाहर के मेडिकलों की दवाई भी लिखी जाती है कमीशन खोरी पर चल रहा है सीएचसी महेवा,,,,
सही अवाहव में उपचार न मिलने से किशोर की मृत्यु हो गयी सीएचसी महेवा के डाक्टरों की लापरवाही के चलते एक मां न अपने पुत्र को खोया,,,किशोर की मृत्यु के बाद परिजनों ने हंगामा काटा जिसके बाद तत्काल मौके पर बकेवर थाना प्रभारी भूपेन्द्र सिंह राठी मौके पर भी पहुंचे थे।