जातिगत भेदभाव का वीभत्स चेहरा – इटावा में कथावाचकों के साथ अमानवीय व्यवहार
इटावा जनपद के बकेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत दान्दरपुर गांव में कथा वाचकों के साथ की गई जातिगत बदसलूकी ने पूरे प्रदेश में आक्रोश फैला दिया है। वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा गया कि कथा सुनाने आए यादव समाज के वाचकों के बाल काटे गए, नाक रगड़वाई गई और उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया गया।
वायरल वीडियो में दिखा अपमानजनक दृश्य
घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है जब कथावाचक मुकुटमणि यादव और उनके सहयोगी गांव में भागवत कथा के लिए पहुंचे थे। कलश स्थापना के बाद भोजन के दौरान उनकी जाति पूछी गई, और "ब्राह्मण नहीं हो तो कथा कैसे कर सकते हो?" कहकर कथावाचकों को अपमानित किया गया।
भीड़ ने कथावाचकों को घेरकर बाल काटे, नाक रगड़वाकर माफ़ी मंगवाई, और इलाके की 'शुद्धि' कराई।
अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया, कार्रवाई की चेतावनी
इस अमानवीय घटना पर सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताते हुए तीन दिन की समयसीमा देते हुए कहा:
“अगर तीन दिन में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो हम पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की मान-सम्मान की रक्षा के लिए बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।”
उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि:
“संविधान जातिगत भेदभाव की इजाजत नहीं देता। ये घटना व्यक्ति की गरिमा और जीवन जीने के मौलिक अधिकार के विरुद्ध है।”
⚖️ पुलिस ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
इटावा एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि:
“वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। पीड़ितों की तहरीर प्राप्त हो चुकी है। एसपी ग्रामीण को जांच का आदेश दिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
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