भारत में 8 में से 1 पुरुष और 9 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में किसी न किसी तरह का कैंसर होने का अनुमान है। इसलिए हमें कैंसर मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग करना होगा क्योंकि उनके कैंसर का उचित उपचार ससमय अतिआवश्यक है। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी- बस्ती के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मरवटिया, बस्ती, के प्रांगण में आज दिनांक 17 फ़रवरी 2025 दिन सोमवार को प्रातः 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, गोरखपुर द्वारा एक नि:शुल्क कैंसर की प्राथमिक जांच एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 105 मरीज कैंसर के प्रति अपनी व्यक्तिगत शंकाओं का समाधान करने आये। इनकी कैंसर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सी. पी. अवस्थी ने सहायक चिकित्सक डॉ. राकेश श्रीवास्तव की मदद से पूरी गंभीरता के साथ जांच पड़ताल की और मरीजों को उचित सलाह परामर्श देकर उन्हें निशुल्क दवाई दी। शिविर के लिए निर्धारित समय से पहले ही मरीज अपने तीमारदारों के साथ पहुंचने लगे थे। ज्यादातर मरीज ग्रामीण इलाकों से आए। कुछ मरीज अपने पुराने इलाज के पर्चे और चिकित्सा विवरण भी साथ लाए थे।
कैंसर जागरूकता अभियान के तहत इस स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित जी.एन.एम, ए.एन.एम., संगिनी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा अस्पताल में आए सभी लोगों को डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि ओरल कैंसर के लक्षण मुंह में छाले व सफेद दाग का होना। मुंह का खुलना कम हो रहा हो। तीखा खाने से मुंह में जलन का होना। स्तन कैंसर के लक्षण स्तन के अंदर या कांख में गांठ होना। स्तनाग्र (निपल) से स्राव आना। स्तन की बाहरी त्वचा का रंग या पोत में बदलाव (गड्ढा आना, सिकुड़ना/छिलना) स्तनाग्र की दिशा में बदलाव- अंदर की ओर खिंचना। गर्भाशय मुख (सर्वाइकल) कैंसर के लक्षण मासिक अवधि के बीच के दिनों में रक्तस्राव संभोग के बाद रक्तस्राव होना। रजोनिवृत्ति (मासिक रुकना) के बाद रक्तस्राव। अनियमित भारी मासिक धर्म योनि से असाधारण रक्त के धब्बों के साथ स्राव निकलना। बिना कारण कमजोरी, थकान, वजन कम होना। शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव शिविर के माध्यम से लोगों से अपील करते हुए कहा कि खान- पान में गलत आदतें, दोषपूर्ण जीवन शैली, प्रदूषण के अलावा हानिकारक रसायनों के अधिक संपर्क में रहने के कारण कैंसर का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। कैंसर के खतरों से बचाव के लिए सावधानी व जागरूकता बेहद जरूरी है। वहीं, संयमित जीवन शैली व उचित खान- पान, शराब, धुम्रपान व तंबाकू उत्पाद के सेवन से परहेज करने मात्र से कैंसर के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
फल व सब्जियां भी धोकर खाए ही सेवन में लाए। प्रदूषण से बचने का प्रयास करें। इन उपायों पर अमल करने से ही कैंसर से बचाव किया जा सकता है। ज्यादातर मामलों में जब कैंसर अंतिम स्टेज पर आता है, तब मरीज को जानकारी मिलती है क्योंकि शुरूआती लक्षण सामान्य होते हैं। इसलिए मरीज को किसी भी सामान्य बीमारी को नजरदांज नहीं करना चाहिए। समय-समय पर शारीरिक जांच जरूरी है।
सबको कैंसर से संबंधित पत्रक, विवरण पुस्तिका आदि वितरित किया गया ताकि वे कैंसर के बारे मे जागरुक होकर और कई लोगो को कैंसर से बचाव, लक्षण एवं इलाज के बारे मे उचित सलाह दे सकें क्योंकि कैंसर से बचाव ही कैंसर का सही उपचार है।
शिविर में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. अर्चना, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, अखिलेश, अश्वनी, सत्यवती तिवारी, नारद मुनि, अतुल पांडेय, रामसूरत सिंह अस्पताल के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों आदि का काम अत्यन्त सराहनीय रहा।
प्रेषक :
उमेश कुमार सिंघानिया