गया: बिहार के बोधगया से बीते दिनों चोरी हुई अति दुर्लभ प्राचीन अवलोकितेश्वर पद्मपाणि की मूर्ति गया से बरामद हुई है| बोधगया पुलिस ने चोरों से प्राचीन मूर्तियां बरामद की। पुलिस ने 5 मूर्ति तस्करों को गिरफ्तार किया है| गिरफ्तार मूर्ति तस्करों के पास से 10 बहुमूल्य मूर्तियां (6 मूर्तियां- 4 प्राचीन स्तूप ) पुलिस ने बरामद की है जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा गई है|
गया SP (सिटी) राकेश कुमार ने बताया, “हमने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के बाद पता चला कि यह सारी मूर्तियां 1000-1500 वर्ष पुरानी है। यह लोग नेपाल के रास्ते इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचना चाह रहे थे।”
सिटी एसपी राकेश कुमार ने एक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बोधगया के कुछ मूर्ति तस्कर चोरी की मूर्तियों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं। जिसके बाद बोधगया डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा बोधगया के मस्तपुरा गांव में छापामारी कर मूर्ति तस्कर घूंघर चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद पुलिस ने वहां से 4 और लोगों को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार मूर्ति तस्कर मूर्तियों की तस्करी के लिए पटना से बोधगया आए थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मूर्ति तस्करों के पास से भूमि स्पर्श मुद्रा में बैठे भगवान बुद्धा की चार मूर्तियां, पद्मासन में बैठे भगवान बुद्धा की एक मूर्ति, मथुरा शैली की भगवान बुद्धा के सर की एक मूर्ति, चार मंदिरों के प्राचीन स्तूप, 3 मोबाइल फ़ोन व एक कार बरामद किया गया है।
गिरफ्तार मूर्ति तस्करों में सिलाव थाना क्षेत्र के सिमा गांव निवासी मो. शमशाद, बोधगया थाना क्षेत्र के मस्तपुरा निवासी घूंघर चौधरी, पटना जिला के दानापुर उसरी निवासी अमित कुमार, कटिहार जिला के ड्राइवर टोला निवासी अरविन्द दास व नवादा जिला के बुंदेलखंड थानांतर्गत अफजलनगर, पावनवाड़ा निवासी मो. सोनू शामिल है।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि घूंघर चौधरी पिछले 8-10 साल से बोधगया में मूर्ति व पुराने सामानों की दुकान चलता है। इसी दौरान वह वाराणसी के एक मूर्ति तस्कर के संपर्क में आया और मूर्तियों की तस्करी शुरु कर दी। घूंघर चौधरी इससे पहले मुगलसराय, दिल्ली, दाउदनगर और गया में मूर्ति तस्करी
के आरोप में जेल जा चुका है।
वहीं , सिलाव थाना क्षेत्र के सिमा निवासी मो. इदरीश इससे पहले भी चार बार प्राचीन मूर्तियों की चोरी और डकैती केस में जेल जा चुका है। उसके मोबाइल से कई प्राचीन मूर्तियों की तस्वीर व डिटेल भी पुलिस को मिले है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह प्राचीन चोरी की मूर्तियों का कारोबार करता है और उसे नेपाल के रास्ते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भेजता है।