मुंबई: शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि,'' शिवसेना और NCP गोवा में (Goa Assembly Elections 2022) एक साथ चुनाव लड़ेगी| राउत ने कहा कि,''प्रफुल पटेल गोवा में हैं, मैं अभी गोवा जा रहा हूं। हमने कोशिश की, महाराष्ट्र अघाड़ी की तरह ही गोवा में भी एक अघाड़ी बने लेकिन कांग्रेस को लगता है कि गोवा में उन्हें पूरा बहुमत मिल सकता है। शिवसेना और NCP गोवा में एक साथ चुनाव लड़ेगी|
एनसीपी ने मंगलवार को कहा था कि गोवा में आगामी विधानसभा चुनाव (Goa Assembly Elections 2022) के लिए पार्टी कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन नहीं करेगी| एनसीपी ने कहा कि वह शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी|
बता दें कि यह पहली बार होगा जब एनसीपी और शिवसेना गोवा में एक साथ चुनाव लड़ेंगे| गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल और शिवसेना के संजय राउत इस समय गोवा में हैं| एक बैठक कर दोनों पार्टियां घोषणा कर सकती है कि कौन कितने सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेगी|
दरअसल, गोवा में महाराष्ट्र गठबंधन के प्रयोग को दोहराने का विचार था, लेकिन कांग्रेस ने ऐसा (गोवा में गठबंधन) करने से इनकार कर दिया| NCP नेता पटेल ने कहा, ‘कांग्रेस का कहना है कि वे गोवा में अपने दम पर चुनाव जीत सकती है| एनसीपी नेता ने कहा, ‘NCP और शिवसेना की मदद के बिना कांग्रेस अगर तटीय राज्य में अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ती है तो वह एक भी सीट हासिल नहीं कर सकती है|
2017 में किसको कितनी सीटें मिली थीं
बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने 36-36 सीटों पर चुनाव लड़ा था| इनमें से कांग्रेस को 17 तो बीजेपी को 13 सीटों पर जीत मिली थीं| वहीं गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) ने चार सीटों पर चुनाव लड़कर तीन सीटों पर जीत का परचम फहराया था| इसके अलावा महाराष्ट्रवादी गोमान्तक पार्टी (एमजीपी) ने 34 सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उसे सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत मिली थी| इसके अलावा 3 सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में और एक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के खाते में गई थी|
गोवा में 14 फरवरी को है मतदान
गोवा की 40 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होंगे| 14 फरवरी को गोवा में मतदान होंगे जबकि 10 मार्च को नतीजे आएंगे| 21 जनवरी को नामांकन शुरू हो जाएंगे| 28 जनवरी को नामांकन की आखिरी तारीख होगी| कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार सख्त प्रोटोकॉल तैयार किए हैं| इसके अनुसार, 22 जनवरी तक किसी भी रैली, रोड शो और पदयात्रा की इजाजत नहीं होगी|