गोंडा: त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन में 30 दिवसीय ड्यूटी के दौरान हुए कोरोना से मौत का मामला| गोंडा में चुनाव ड्यूटी के बाद मृत 37 कर्मियों के परिजन पाएंगे 11.10 करोड़ रुपए|
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव व मतगणना की ड्यूटी के कारण जिले में 37 कर्मचारी संक्रमित हो गए, इससे उनकी मौत हो गई थी। प्रदेश की योगी सरकार ने अनुग्रह धनराशि देने हेतु जारी की मृत 37 कर्मियों सूची|
गोंडा जिले से ड्यूटी के दौरान कोरोना से हुई 37 मृतक कर्मचारियों के नाम सूची में शामिल| प्रत्येक मृतक के परिजनों को 30 लाख रुपये की मदद देने का आदेश दिया है,सभी को मिलेगी अनुग्रह धनराशि।
बता दें कि,''गोंडा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 19 अप्रैल को संपन्न हुआ था। जबकि, मतगणना दो मई कराई गई। नामांकन से लेकर मतगणना के दौरान काफी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी संक्रमित हुए। इलाज के दौरान कुछ लोग स्वस्थ हुए तो कुछ को जान से भी हाथ धोना पड़ा।
सरकार ने चुनाव ड्यूटी के कारण कोरोना संक्रमित हुए कर्मचारियों की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता देने का फैसला किया था। इसको लेकर संबंधित विभाग व मृतक कर्मचारियों के आश्रितों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। निर्धारित अवधि में 60 आवेदन पत्र आए थे।
जांच के दौरान 23 आवेदन पत्र मानक के अनुसार नहीं पाए गए। इसमें से कई कर्मचारियों की मृत्यु चुनाव ड्यूटी से एक माह बाद होने की पुष्टि हुई थी। ऑनलाइन आवेदन पत्रों की जांच अलग-अलग स्तर से जांच कराई गई। डीएम मार्कण्डेय शाही ने जांच में सही मिले 37 आवेदकों को आर्थिक सहायता वितरण की संस्तुति की थी। प्रत्येक कर्मी के आश्रित को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके लिए 11.10 करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी।
किस विभाग के कितने कर्मी की कोविड से हुई मौत: बेसिक शिक्षा विभाग-21, माध्यमिक शिक्षा विभाग-02, ग्राम्य विकास विभाग-05, लोक निर्माण विभाग-03, सहकारिता विभाग-01, व्यवसायिक शिक्षा विभाग-01, राजस्व विभाग-01, बाल विकास एवं पुष्टाहार-01, कृषि विभाग-01, पंजाब नेशनल बैंक-01